अकबर बीरबल के जीवन में हुई घटनायें, उनके मज़ेदार वार्तालाप और उनके मध्य हुई खट्टी-मीठी नोंक-झोंक को किस्सों-कहानियों के रूप में पिरोकर सालों-साल से सुनाया जाता रहा है और पीढ़ी-दर-पीढ़ी ये कहानियाँ विकसित होती गई है. इन किस्से-कहानियों पर कई किताबें लिखी गई है, जो हर उम्र के लोगों में प्रचलित है. इन कहानियों की खास बात यह है कि ये हमारा मनोरंजन करने के साथ ज्ञान की बातें भी सिखा जाती हैं. शायद यही कारण है कि इतने वर्ष हो जाने के बाद भी इन कहानियों का अस्तित्व बरक़रार है. और इसे वापस से विवेक कुमार पाण्डेय जी ने इसका रचना किया है.।