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दोस्ती
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Book Description

प्रस्‍तूत कृति दोस्‍ती मेरी दृष्टि में  हिन्‍दी लेखन विधा में उपन्‍यास लेखन एक सशक्‍त विधा है। इस विधा के माध्‍यम से देश, काल, परिस्थिति के अनुसार इतिहास, सामाजिक स्थिति, एवं संस्‍कृति की तात्‍कालिक वस्‍तुस्थिति का चित्रण करके समाज को दिशादर्शित किया है।  इस औपन्‍यासिक परम्‍परा का निर्वाह करते हुए कवि, लेखक, एवं उपन्‍यासकार श्री चौथमल जैन द्वारा लिखा गया ‘दोस्‍ती’ उपन्‍यास निश्चित रूप से पठनीय होकर सम्‍मान योग्‍य है। प्रस्‍तूत उपन्‍यास के पात्रों का बचपन से मरने तक का सामन्‍जस्‍य बिठाकर उपन्‍यासकार ने जिस प्रकार कृति का दुखान्‍त किया है वह लेखक के दोस्ती का आदर्श प्रस्‍तूत करने के लक्ष्‍य को प्रतिपादित करता दिखाई देता है।  उपन्‍यास की विशेषता यह है कि यदि कोई पाठक इसे एक बार पढ़ना शुरू कर देता है तो उसे इसको पूरा पढ़ना उसकी मजबूरी हो जाती है। किसी भी सफल लेखन के लिये कृति में यह विशेषता लाना लेखक के सफल कला पक्ष को प्रतिपादित करती है। जिसमें श्री जैन सा. पूर्णत: सफल हुए हैं। जीवन प्रकाश आर्य ‘प्रध्‍यापक’ शिक्षा महाविद्यालय उज्‍जैन (म.प्र.)