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Alaav par Kokh / अलाव पर कोख

Author Name: Mamta Singh | Format: Paperback | Genre : Literature & Fiction | Other Details

रिश्तों में प्रेम-बैर, आत्म-सम्मान और आपसी नोक-झोंक से पगे इस उपन्यास में सामाजिक विसंगतियां तो हैं ही, स्त्री की स्वच्छंदता और आत्म-निर्भरता के लिए उठाया गया साहसी निर्णय भी है। एक स्त्री मेडिकल साइंस की अत्याधुनिक तकनीक से ख़ुद को समृद्ध करती है लेकिन इस व्यवस्था पर कुछ ज़रूरी सवाल भी छोड़ती है। कृत्रिम गर्भधारण को अपनी आय का ज़रिया बनाकर समाज को आईना दिखाने वाली स्त्री जब ख़ुद को कष्ट से भेदती है, तो वह यह भी मानती है कि इससे उसके जैसी तमाम स्त्रियों के जीवन में फूल खिलेगा। यह पितृ-सत्तात्मक समाज की व्यवस्था में स्त्री पुरुष के बीच वैचारिक मतभेद और संवेदना की गझिन बुनावट की कहानी भी हैI एक संवेदनशील प्रेमी, पति बनकर कब हौले से प्रेम की सघन-वाटिका को काँटों से लबरेज़ कर देता है, इसकी ख़बर न उसे होती है, न उसकी पत्नी को। आधुनिक चिकित्सा तकनीक के इर्द-गिर्द बुने इस कथानक में, छोटी-छोटी खुशियाँ, बड़ी-बड़ी चुनौतियाँ और किरदारों के बीच सामंजस्य का बेहतरीन तालमेल है। उपन्यास का आकर्षक शिल्प और नर्म-ओ-नाज़ुक भाषा पाठकों के लिए इसे एक ज़रूरी किताब बनाती है।

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ममता सिंह

आकाशवाणी की सर्वश्रेष्ठ उद्घोषिका का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त ममता सिंह श्रोताओं के बीच ‘रेडियो-सखी’ नाम से मशहूर हैं। विविध भारती में उद्घोषिका ममता सिंह इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संस्कृत में एमए एवं रूसी भाषा में डिप्लोमा प्राप्त हैं। ममता प्रयाग संगीत समिति से शास्त्रीय संगीत में प्रभाकर हैं। इनका प्रथम कहानी संग्रह ‘राग मारवा’ महाराष्ट्र राज्य साहित्य अकादमी से पुरस्कार प्राप्त है। मध्य प्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मेलन का वागीश्वरी सम्मान भी इस संग्रह को मिल चुका है। ममता सिंह मुम्बई के पहले हिन्दी सांध्य दैनिक ‘निर्भय पथिक’ में बतौर उप-संपादक कार्य कर चुकी हैं। तमाम प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में इनकी कहानियां, संस्मरण और लेख प्रकाशित होते रहते हैं।

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