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Antar-Awaz / अन्तर-आवाज़ Kavitaaon Ke Roop Me/कविताओं के रूप में

Author Name: Anju Pareek | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

ईश्वर रचित मायाजाल जिसे सृष्टि का नाम दिया गया है, इसमें समाहित तत्वों के लिए मन में उत्पन्न भाव-कल्पना की जो अनुभूति मुझे महसूस हुई उसी को मैंने अपने शब्दों में कागज़-कलम के सहारे आपके सामने अभिव्यक्त कर दिया, जो मेरे अन्तर की आवाज़ है जिसे कविता कहा जा सकता है। मेरी भाव अभिव्यक्ति मेरे सुधि पाठक के हृदय को छूकर उसके भाव का किंचित हिस्सा बन सकी तो मेरा यह प्रयास सफल होगा।

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अंजू पारीक

१५ जनवरी १९५८ को कानपुर में जन्म के बाद, वनस्थली विद्यापीठ एवं राजस्थान विश्वविद्यालय से एम् ए, एम् एड, एल एल बी, की शिक्षा के दौरान हिंदीअंग्रेजी शॉर्टहैंड, घुड़सवारी,तैराकी का समुचित प्रशिक्षण व्अनुभव लिया और पायलट लाइसेंस प्राप्त किया। जयपुर में सर्वश्रेष्ठ क्रेच स्थापित कर सफलतापूर्वक संचालन किया। राष्ट्रीय विद्यापीठ (माध्यमिक विद्यालय ) की प्राचार्य रहीं,तत्पश्चात अंतर-आवाज़ साप्ताहिक समाचार पत्र की मुद्रक-प्रकाशक सम्पादक रही।बैंक कर्मचारी के रूप में सेवाएं देने के बाद आवासीय विद्यालय में वरिष्ठ शिक्षिका रहीं और सयुंक्त परिवार की सदस्या के रूप में साधारण गृहिणी की भूमिका का सफलतापूर्वक निर्वहन  भी किया। 

 वर्तमान में दो नन्ही पोतियों मीरा और प्रज्ञा के साथ दिल्ली में रहते हुए स्वयं की कम्पनी क्रिएटिव बिज़नेस लैब (जो भारत के साथ साथ इंग्लॅण्ड और अमेरिका में कार्यरत है) की फाउंडर डायरेक्टर के रूप में कार्य कर रही हैं। इसके अतिरिक्त गायन व् देशाटन का शौक है, देशाटन के दौरान, देश के चारों कोने  घूम कर, ईश्वर प्रदत्त       प्राकृतिक सौंदर्य को निहार चुकी हैं। 

उक्त वृतांत का उद्देश्य मात्र यह है कि जीवन के विभिन्न आयामों का अनुभव करने और कर चुकने के दौरान जो अनुभूतियाँ, सृष्टि और इसके तत्वों  के बारे में महसूस हुई उन्हें कागज़-कलम के माध्यम से  यहाँ प्रस्तुत किया गया है जिसको नाम दिया-अंतर् आवाज़ और जिसे सुधि पाठक चाहें तो कविता का नाम दे सकते हैं।

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