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Avidit Astitva / अविदित अस्तित्व

Author Name: Somesh Baijal (Avidit) | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

कौन हूँ मैं? इस जगत में मेरा कोई अस्तित्व है भी? 

ऐसे ही कुछ प्रश्नों के उत्तर खोजने का प्रयास सोमेश बैजल ने अपने इस पहली पुस्तक में किया है। प्रस्तुत संग्रह में, एक अवचेतन मन को अपने खोये हुए अस्तित्व की खोज है। वो अस्तित्व जो अविदित है! कविताएँ थोड़ी लम्बी है, इसलिए पाठकों को थोड़ा आश्चर्य हो सकता है! जीवन में आने वाले अनुभवों के अनेक प्रतिक्रियाओं और दृष्टिकोणों की विस्तृत समीक्षा करने का प्रयास सोमेश ने इन कविताओं में किया है|

इन जीवन्त कविताओं के द्वारा, सोमेश ने अपने सूक्ष्म से सूक्ष्म अनुभूतियों को सहज सरल शब्दों में अभिव्यक्त किया है। इन रचनाओं ने तेज़ी से बदलते समय में धीमे गति से ढ़लने वाली वृत्ति की कशमकश, आर्थिक संघर्ष, सच्चे मित्र न होने का खालीपन, मानसिक भटकन, विकट अंतरद्वंदों, और अपने घर से दूर रहकर, अपने आप को प्रस्तापित करने की कठिनाईयों का ज्वलंत चित्रीकरण किया है। प्रमुख रूप से 'उधार की ज़िंदगी' और 'मेरे गाँव का घर' जैसी कविताओं में पाठक अपने ही जीवन की झांकी देख पाएंगे।

अन्य कविताएँ जैसे 'फटे जूते' और 'कोई तो हो' में पाठक अपना ही प्रतिबिम्ब यदि देखे तो कवि की ये सुखद सफलता होगी!

क्रमानुसार इन कविताओं को देखा जाए तो निरंतर कवि के विचार परिपक्व होते हुए पाठकों को दर्शित होंगे। अविदित अस्तित्व को विदित करने की इस यात्रा में, यदि पाठक भी सम्मलित होते है तो कवि की यात्रा सफल होगी ऐसा सोमेश का मानना है।

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सोमेश बैजल (अविदित)

सोमेश (अविदित), जालना (महाराष्ट्र) के एक मध्यम वर्गीय परिवार से है|सोमेश इन दिनों मुंबई में कार्यरत है|अविदित अस्तित्व के माध्यम से जगत के समक्ष अपने आप को प्रस्तुत करने का सोमेश का एक छोटा सा प्रयास है! अपेक्षा है कि यह प्रयास सफल हो! 

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