10 Years of Celebrating Indie Authors

Share this book with your friends

Ekabhinaya Manch Per / एकाभिनय मंच पर Solo Play

Author Name: Kalawat Kl | Format: Paperback | Genre : Educational & Professional | Other Details

एकाभिनय मंच पर पुस्तक में लेखक द्वारा एकाभिनय के नाटकों को प्रस्तुत किया गया है। सामाजिक एवं मानवीयता के मुद्दों को अपनी लेखनी से प्रकाश डालकर उकेरने का प्रयास किया है। एक याद नाटक के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या जैसी जघन्य हत्याओं पर प्रकाश डाला है। जान ले लो मेरी के माध्यम से कबूतर की कहानी के माध्यम से विभिन्न पक्षियों पर हो रहे अत्याचारों के मन की पीड़ा को बताया गया है। कल्पना चावला के जीवन पर आधारित नाटक कल्पना में सपनों की उड़ान के माध्यम से बालिकाओं में जोश भरने का काम किया है। कीड़ा के अन्तर्गत मानवीय सोच को दर्शाया गया है कि आज वर्तमान में हम किस प्रकार की सोच रखते है। आकर्षण के माध्यम से बलात्कार की पीड़ा और परिवार के दर्द को उजागर किया है। उक्त नाटक एकाभिनय द्वारा विभिन्न हाव-भावों द्वारा भली प्रकार से व्यक्त किये जाये ंतो निश्चित रूप से हमारे समाज में जागृति उत्पन्न होगी। इसी आशा के साथ

Read More...
Paperback
Paperback 500

Inclusive of all taxes

Delivery

Item is available at

Enter pincode for exact delivery dates

Also Available On

कलावत के. एल.

राजस्थान क्षेत्र के अजमेर जिले से जालिया द्वितीय ग्राम में जन्मे कलावत के.एल. रंगमंच एवं आत्मरक्षा के क्षेत्र में कई वर्षों से कार्य कर रहे है। कई नाटकों में अपनी अभिनय प्रतिभा को रंगमंच पर प्रस्तुत किया। तत्पश्चात् लेखन कार्य आरम्भ किया। समकालीन लिखे नवीन नाटकों को रंगमंच पर दर्शाया। निर्देशन का कार्य किया। राजस्थान सरकार और भारत सरकार के कार्यों में अपनी प्रस्तुति प्रदान कर पुरस्कृत हो चुके है। राष्ट्रीय, अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेकर गोल्ड मेडल प्राप्त किये। मार्शल आर्ट प्रशिक्षक के क्षेत्र में भी खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भाग दिलाया और राजस्थान का ही नहीं भारत का नाम भी रोशन किया। विद्यालयों, महाविद्यालयों में निःशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। मार्शल आर्ट पर महिला सम्पूर्ण सुरक्षा पर ‘‘लड़ाका’’ पुस्तक की रचना कर चुके है।  आत्मरक्षा के क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से गहन अनुसंधान कर रहे है। आत्मरक्षा को आसान और सरल तरीके से बनाकर बालक, बालिका एवं महिला के लिये सहज एवं सुलभ उपलब्ध करा रहे है।

अभी हाल ही में महिला अधिकारिता राजस्थान सरकार द्वारा बालिका गरिमा संरक्षण सम्मान से सम्मानित किये जा चुके है एवं नवीन नाटकों का लेखन जारी है।

Read More...