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Global Pandemic and Conspiracy / वैश्विक महामारी और साजिश Mental reflection of the world in the global pandemic/ वैश्विक महामारी में दुनिया का मानसिक प्रतिबिंब

Author Name: Kailash Chand Haldwani | Format: Paperback | Genre : History & Politics | Other Details

मेरी इस पुस्तक का उद्देश्य सिर्फ देश और दुनिया के मानसिक प्रतिबिंब  को लोगों तक पहुंचाना है| जैसा कि वैश्विक महामारी के दौर में कितनी अवस्थाएं लोगों को झेलनी पड़ी है और कितनी परेशानियों का सामना देश दुनिया के राजनीतिज्ञों की अनसुलझी पहेली का सामना बड़ी दृढ़ता से संपूर्ण मानव जाति ने किया है| कितने लोगों की जान चली गई,  नौकरी चली गई, व्यापार चौपट हो गए| लेकिन कुछ लोगों ने इन सब से अपना स्वार्थ भी सिद्ध किया है| लेकिन कोई कुछ कह भी नहीं सकता है ना ही उसके लिए किसी को दोषी ठहरा सकता है| क्योंकि यह महामारी जहां से शुरू होती है उसके ऊपर उंगली उठाने का सामर्थ्य किसी में नहीं है| सच्चाई यही है कि संकट के समय में भी लोग अपने स्वार्थ को सिद्ध करने से नहीं चूकते हैं| सारी दुनिया ने आपदा में अवसर तलाशने की कोशिश की है| मगर जनमानस के हितों का ध्यान दुनिया के किसी देश को नहीं है| बस यही संक्षिप्त सार है मेरी इस पुस्तक का जिसमें किसी की भावनाओं को आहत नहीं किया गया है सिर्फ संपूर्ण दुनिया के कार्यों को संक्षेप में समझाया गया है|

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Paperback
Paperback 150

Inclusive of all taxes

Delivery by: 9th Aug - 12th Aug

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कैलाश चंद हल्द्वानी

कैलाश चंद हल्द्वानी का पैतृक गांव असौड़ा  हापुड़ है|  मेरा जन्म स्थान गणेशपुरा हापुड़ जिला हापुड़ उत्तर प्रदेश है| और मेरी कर्म भूमि दिल्ली है|  मेरी बेसिक शिक्षा  हापुड़ और मेरी स्नातक और परास्नातक की  शिक्षा चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से हुई| और  मेरी प्रोफेशनल  शिक्षा  आईएमटी कॉलेज गाजियाबाद से हुई है| मैं  दिल्ली में एक  कंपनी में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत हूं|  और मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता भी हूं जो समाज के  विभिन्न मुद्दों को समय-समय पर उठाकर समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर कर उनका समाधान ढूंढने  के लिए प्रयासरत रहता हूं| मेरा उद्देश्य देश को सफल, सक्षम और सर्वोच्च की श्रेणी में लाना है| जिसके लिए मैं निरंतर प्रयास करता रहूंगा|

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