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Khuddi Se Gudari Tak / खुद्दी से गुदड़ी तक Ek Laghu Upanyas / एक  लघु  उपन्यास

Author Name: Dr. Lala Ashutosh Kumar Sharan | Format: Paperback | Genre : Literature & Fiction | Other Details

सदियों से साक्षरता से दूर, ग़रीबी की मार झेलते हुए एक ऐसे समाज की कहानी है जिसकी आय का मुख्य स्रोत है, भड़भूजा, छोटे-मोटे खोमचे या रोड साइड होटल चलाना या अन्य छोटी-छोटी दूकानदारी।अल्प कमाई में भी बिना गिला-शिकवा किये, अपने उत्थान के लिए संघर्ष करते इस समाज के एक परिवार के चार पुश्तों की कहानी है ‘खुद्दी से गुदड़ी तक’। खुद्दी लाल ने आजादी के पहले से जब पढ़ाई-लिखाई एक कष्टदायक और वश से बाहर की वस्तु समझी जाती थी, शिक्षा की अलख जगाने के प्रयास प्रारंभ कर दिये थे, जिसे धनुख लाल ने धार दी और गुदड़ी ने पुत्र रामशरण के रूप में पूरा कर दिखाया।सतत प्रयासों के फलस्वरूप वह परिवार फ़र्श से अर्श पर पहुंच गया। उनके प्रयासों की सफलता में घर की औरतों, अतुलनीय त्याग की मूर्ति, रमिया, लाली एवं सीता ने कंधा से कंधा मिलाकर योगदान दिया।

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डॉ. लाला आशुतोष कुमार शरण

डॉ.लाला आशुतोष कुमार शरण, अवकाश प्राप्त प्राचार्य एवं भूतपूर्व विभागाध्यक्ष रसायन विज्ञान विभाग, वीकेएसयू,आरा का जन्म बिहार के भोजपुर जिला मुख्यालय,आरा के एक मध्यवर्गीय परिवार में हुआ। विज्ञान के अध्येता और अध्यापक होते हुए भी साहित्य सृजन में अभिरुचि छात्र जीवन से ही थी। छात्र जीवन में प्रकाशित एक कहानी ने इनकी लेखकीय क्षमता का आभाष साहित्य जगत को दे दिया। साहित्य रचना के प्रारम्भ काल में ही इन्होंने न केवल कई नाटक लिखे, वरन् उनके सफलतापूर्वक मंचन भी हुए।इनके द्वारा लिखित एवं निर्देशित कुछ हास्य-व्यंग्य नाटक दर्शकों में काफी लोकप्रिय हुए। नाटकों से शुरू हुआ साहित्यिक सफ़र, काव्य रचनओं से होता हुआ कहानी, उपन्यास लेखन तक, उम्र को धत्ता बताते हुए, आज तक अनवरत जारी है।

इन्हें गद्य एवं पद्य दोनों विधाओं में लिखने की दक्षता प्राप्त है। इनकी रचनाएं पत्र-पत्रिकाओं एवं स्मारिकाओं में प्रकाशित होती रही हैं।डॉ.शरणकी रचनाएं अपनी वैचारिकता और भावपूर्ण सम्प्रेषण के कारण पाठकों पर गहरा प्रभाव डालने की क्षमता रखती हैं।इनकी रचनाओं में समय भी झलकता है। कहीं दर्द की टीस है,  कहीं व्यंग्य का तीखा बाण है तो कहीं विशुद्ध रोमांटिक प्रेम।ये मानव मन के विलक्षण चितेरे हैं।इनकी रचनाओं में नारियों को विशिष्ट स्थान प्राप्त है।यही कारण है कि इनकी अधिकांश कविता-कहानियां, नायिका प्रधान होती हैं।इनके दो काव्य संग्रह तथा एक कहानी संग्रह पहले हीं प्रकाशित हो चुके हैं।यह तीसरी पुस्तक'खुद्दी से गुदड़ी तक' एक लघु उपन्यास है।

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