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Kshitij Ke Us Paar / क्षितिज के उस पार

Author Name: Bhupendra Singh Kataaksh | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

स्वकथ्य: अपने हृदय से सृष्टि का भीतरी और बाह्य अवलोकन, एवम् सृष्टि की सार्थकता और कारण का चिंतन ही "कटाक्ष" है ।

एक प्रगतिशील जीवन का वृत्तांत जब पुस्तक का रूप ले लेता है तो पुस्तक जीवंत हो जाती है ।

यह पुस्तक कभी कविता की मूल प्रेरणा, कारण एवम् विषयों से पाठक को मनोस्थिति का अवलोकन कराती है, कभी इनके विभिन्न पक्षों से परिचय कराती है, तो कभी भाषा और भावों से आप्लावित कर आनंद की सरिता बन जाती है । ये विषय एक अप्रतिम प्रणय की अनंत अपेक्षा के साथ, सम्बन्धों की गरिमा और महत्त्व के संस्मरण जैसे हैं ।

समाज की असमानताएँ, पर्यावरण का सौंदर्य और सुरक्षा, रूढ़ियों का खंडन, असीम राष्ट्र-प्रेम एवम् हिंदी भाषा के प्रति प्रोत्साहन, इसे एक उत्कृष्ट काव्य-संग्रह बनाते हैं ।

सक्षमताओं के प्रति कृतज्ञता, यदा-कदा किंकर्तव्यविमूढ़ता, तर्क, आत्मावलोकन और विरक्ति के विरोधाभास  -- इन्हीं सब की व्यापकता, विविधता और पक्षों  के दृष्टिकोण आपको अवश्य ही "क्षितिज के उस पार" ले जाएँगे ।

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भूपेंद्र सिंह कटाक्ष

उत्तराखंड राज्य में स्थित देहरादून की खूबसूरत वादियों में जन्मे भूपेंद्र सिंह "कटाक्ष", "संगणक विज्ञान एवम् अभियांत्रिकी" में स्नातक की उपाधि प्राप्त करके, कई बहुराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी कंपनियों में वरिष्ठ पदों पर काम करने के पश्चात्, अभी भी निष्ठापूर्वक कार्यरत हैं ।

अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्साह एवं विकास के साथ-साथ, उनका हिंदी साहित्य और भाषा के प्रति विशिष्ट प्रेम है । हिंदी के प्रति उनका यह असीम अनुराग ही उन्हें भाषा की उत्पत्ति, उसके विकास और कई अन्य पहलुओं के अनवरत स्वाध्याय हेतु प्रेरित करता है । 

संगीत और साहित्य उनके हृदय में बसे हैं, और यह पुस्तक पढ़ने के पश्चात् यह कहना अतिशयोक्ति न होगा कि रचनात्मक क्षेत्र में उनके विषयों, दृषिकोणों, जीवन के पक्षों और पाठक के मन में उतर जाने का उनका श्रम वस्तुत: विलक्षण है । 

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