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Mahan Bharat ? Gulam Bharat - Ramayan Budhi Ki Kasauti Par / महान् भारत ? गुलाम भारत - रामायण बुद्धि की कसौटी पर खण्ड -3   

Author Name: Sarabjeet Ukhala | Format: Paperback | Genre : Literature & Fiction | Other Details

इस पुस्तक में पढ़िए: 

अयोध्या, लंका और रामायण काल के बारे में अचंभित कर देने वाले वैज्ञानिक तथ्य, जो झुठलाये नहीं जा सकते ।

 1: रामायण काल में अयोध्या शहर का अस्तित्व हीं नही था ।

   4000 ईसापूर्व से पहले भारत में शहर नहीं हुआ करते थे

   4000 ईसा पूर्व तक लंका (श्रीलंका) टापू भी नहीं था,

जबकि वाल्मीकि रामायण के आधार पर रामचंद्र का जन्म 5114 ईसा पूर्व/ 8 लाख 80 हजार वर्ष पूर्व और कुछ लोगों द्वारा एक करोड़ 81लाख 49 हजार वर्ष पूर्व होने का दावा किया गया है। 

2.  वाल्मीकि रामायण को खंडित किन लोगों ने किया?

उनका उद्देश्य क्या था और समाज पर इस मिलावट या प्रक्षेपण का क्या प्रभाव पड़ा?

मन घड़ंत कथाऐं बनाने के लिये वेद-काल के देवताओं और वेदों के नाम का कैसे दुरुपयोग किया गया?

विस्तार में वर्णन किया गया है।

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सरबजीत उक्खला

तार्किक दृष्टिकोण से रचना करने वाले सरबजीत उक्खला मूल रूप् में पत्राकार और पंजाबी लेखक हैं। विभिन्न समाचार पत्रों और टीवी चैनल में रिपोर्टर और संपादक की भूमिका निभा चुके हैं। साढे तीन दशकों से समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के प्रसार के लिए प्रयत्नशील हैं।

पंजाबी भाषा में उनकी आदि दर्जन रचनाएं प्रकाशित हो चुकी हैं। जिनमें निम्नलिखित वर्णनीय हैं:

1.    ओपरी कसर

2.    पर्दाफाश

3.    वोट फॉर क्रांति

4.    जदों दीवे सूरज बणनगे

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