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Mere Bank Ki Hatya Kisne Ki? / मेरे बैंक की हत्या किसने की?

Author Name: Chaitanya | Format: Paperback | Genre : Business, Investing & Management | Other Details

क्या आपने कभी सोचा है कि भारतीय बैंकिंग क्षेत्र, जो अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, हाल के दिनों में इतने सारे पतन का गवाह क्यों बना? 

एक इतना बड़ा और संगठित क्षेत्र, जो कि नियमों और मानदण्डों के सबसे कड़े पालन के लिये माना जाता है, वास्तव में अपने कुछ बैंकों को दिवालिया कैसे देख सकता है?

क्या इन सबसे बचा जा सकता था? क्या केवल इसलिये कि जिम्मेदार पदों पर आसीन कुछ अधिकारियों ने आगे बढ़कर अपनी आत्मा को शैतान को बेचने का फैसला किया है?

”हू किल्ड माय बैंक” एक अंदरूनी सूत्र द्वारा एक निश्चित खुलासा है I यह कुछ बैंकों द्वारा अपनायी जाने वाली गलत प्रथाओं को उजागर करता है और साथ ही एक विस्तृत स्कोरिंग मॉडल के माध्यम से कदम सुझाता है जिसका उपयोग जमाकर्ता विषाक्त बैंकों की पहचान करने के लिये कर सकते हैं ताकि वे उनसे दूर रहें I

यह तथ्य और कल्पना का मिश्रण है, वर्षों के अनुभव और शोध की परिणति हैI यह काफी हद तक हाल की घटनाओं पर आधारित है, जिसने देश के बैंकिंग परिदृश्य को हिलाकर रख दिया है और हज़ारों जमाकर्ताओं की आशाओं और आकांक्षाओं की दिल दहला देने वाली घटनाओं का वर्णन किया है I

अंग्रेजी में मार्च 2021 में प्रकाशित  “हू किल्ड माय बैंक” नामक पुस्तक का यह अनुवाद देवनागरी लिपि में किया गया है I

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चैतन्य

चैतन्य* का जन्म व शिक्षा मुम्बई में हुयी थीI वह बैंकरों के परिवार से ताल्लुक रखते हैं और उन्होंने 1980 में अपना बैंकिंग केरियर शुरू किया था, जबकि अभी भी मुम्बई विश्वविद्यालय से वह स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैंI 

4 दशकों के अपने केरियर में उन्होंने कुछ बेहतरीन सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों, भारत में विदेशी बैंकों, मध्य-पूर्व और यूके में अंतरराष्ट्रीय बैंकों, भुगतान गेटवे, सहकारी बैंकों और भारत में फिनटेक के साथ काम किया हैI 

अपने केरियर के दौरान उन्होंने घरेलू बाज़ार के लिये खुदरा-बैंकिंग उत्पादों के साथ-साथ विदेशों में स्थित अनिवासी भारतीयों के लिये निवेश-उत्पादों के लिये कुछ रुझान स्थापित किये हैंI 

उन्होंने अधिक सक्रिय और प्रक्रिया संचालित होने के लिये मज़बूत प्रक्रियाओं, नये उत्पादों, शुल्क-आय धाराओं और प्रशिक्षित कर्मचारियों को पेश करके बैंकों की मदद की है I उन्होंने बोर्ड को पेशेवर बनाने और नियामक-मानदण्डों का पालन करने में भी मदद की हैI 

वर्तमान में वह अपनी आंतरिक प्रक्रियाओं में सुधार करने के इच्छुक बैंकों को व्यावसायिक प्रक्रिया री-इंजीनियरिंग सेवायें प्रदान कर रहे हैंI उन्होंने सैकड़ों बैंकरों को प्रशिक्षित किया है तथा बैंकिंग को अपने केरियर के रूप में लेने में रुचि रखने वाले पेशेवर बैंकरों और छात्रों को प्रशिक्षित करना जारी रखा हैI 

*चैतन्य लेखक का कलम नाम (पेन नेम) है I

http://www.bankonus.in

http://www.schoolofbanking.in

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