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Meri Dastaan - Pyar ya Bhram / मेरी दास्ताँ - प्यार या भ्रम

Author Name: Vinod kumar | Format: Paperback | Genre : Literature & Fiction | Other Details

वह मेरे साथ डांस कर रही थी। उसकी गर्म साँसे मुझे उतेजित कर रही थी। मुझे एहसास हुआ कि मैं उषा से प्यार करता हूँ। 

तुम्हें लगता है कि तुम्हें प्यार हो गया, लड़कियाँ सिर्फ बिस्तर गर्म करने के लिए होती है। गोपाल के दोस्त अवि ने कहा।

गोपाल उषा के घर किराये पर रहने लगता है। उषा उसे पुची के नाम से बुलाती है। वह गोपाल की पढाई में मदद करती है। वो तय करते है कि एग्जाम के बाद वो अपने माता-पिता से शादी के बारे में बात करेंगे।

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Paperback
Paperback 199

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विनोद कुमार

विनोद कुमार एक स्टूडेंट और लेखक है। वह अपनी ग्रेजुएशन शेखावाटी यूनिवर्सिटी से कर रहे हैं। वे सामाजिक मुद्दों को अपने लेखन में कहानी के रूप में खूबसूरती से उकेरते हैं।

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