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Premad / प्रेमद

Author Name: Aman Jha | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

"प्रेमद" एक सफ़र है प्रेम का, जो अपने भीतर समेटे हुए है, उन सभी भावों को जो मैंने अपनी प्रियतमा के साथ बिताए हुए क्षणों में महसूस किया। इसमें जिक्र है उनके आने के बाद मुझमें आए बदलावो का,पहली मुलाक़ात के बाद उनसे वापस ना मिल पाने का डर है,मेरे द्वारा उनके समक्ष स्वीकार करना कि जीवन में कोई थी उनके पहले, उनका निडर स्वभाव जब वह हमारे प्रेम को अपने पिता के समक्ष स्वीकार करती है, मेरा उन्हें खो देने का भय और कुछ ना कर पाने की हताशा भी है इन कविताओं में, उनके चाय के प्रति अनोखे से प्रेम का जिक्र और हम दोनों का संघर्ष एक-दूसरे के साथ रहने के लिए और फ़िर विरह का समावेश भी है इन कविताओं में ज़ब वह  एक दिन बस यूंही चली जाती है, उनके जाने के बाद की पीड़ा, तकलीफ़ जो असहनीय रही फिर भी अंततः एक आशा की टिमटिमाती ज्योति भी मन में की लौट आएगी वह किसी दिन सब बंदिशों को तोड़कर और कर देगी मुझे मुक्त अपनी विरह की असहनीय पीड़ा से । इन कविताओं में लिखे शब्द काल्पनिक अवश्य है,पर जो मनोभाव है उसे मैंने हर क्षण जिया है उनके प्रेम में और वही यहां लिखा है इन कविताओं में ।

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अमन झा

अमन झा बिहार के दरभंगा जिले के रहने वाले है, बहुत कम उम्र में ही उन्हें रहने के लिए गुजरात के अहमदाबाद शहर आना पड़ा। प्रारंभिक शिक्षा हिंदी माध्यम से करने के पश्चात् माध्यमिक और इंटरमीडिएट की परीक्षा अंग्रेजी माध्यम से उत्तीर्ण की। स्नातक बी.कॉम से करने साथ ही एल.एल. बी. भी गुजरात विश्वविद्यालय से किय। हिन्दी के प्रति लगाव के कारण एक बार फ़िर से हिंदी पढ़ने और लिखने की शुरुआत हुई, धीरे धीरे कविता में इनकी रुचि बढ़ने लगी साथ ही वह कविता भी लिखने लगे । पिछले एक – डेढ़ साल में इनकी कविताएं हिंदी के कई सोशल प्लेटफार्मों पर प्रकाशित होती आयी हैं। दो पुस्तकों में सह- लेखक रहने के बाद, अब यह अपनी पहली कविता संग्रह प्रेमद लेकर आपके समक्ष आए है । 

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