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Rail Ki Kahani / रेल की कहानी बच्चों की जुबानी / bachchon kee jubaanee

Author Name: Malkiat Singh Lakha | Format: Paperback | Genre : Technology & Engineering | Other Details

कहानी में तीन बच्चे हैं - एक गाँव का, दूसरा एक छोटे शहर का और तीसरा एक मेट्रो शहर का। एक रेल यात्रा के दौरान उनके परिवार के सदस्य और रेलवे में काम करने वाले लोग उनके साथ भारतीय रेलवे के बारे में जानकारी साझा करते हैं।

यह पुस्तक भारतीय रेलवे के बारे में आकर्षक तथ्यों और आंकड़ों से भरी है, न केवल बच्चों के लिए, बल्कि वयस्क लोगों के लिए भी उपयोगी है। पुस्तक का मूल उद्देश्य पाठकों को मनोरंजक तरीके से भारतीय रेलवे से परिचित कराना और अधिक जानने की इच्छा पैदा करना है।

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मलकीयत सिंह लाखा

पंजाब (भारत) के एक छोटे से गाँव में जन्मे और पले-बढ़े, मलकीयत सिंह लाखा ने उत्कृष्ट रिकॉर्ड के साथ दिल्ली कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग से सिविल  इंजीनियरिंग में स्नातक तक अध्ययन किया। 34 वर्षों तक भारतीय रेलवे में सेवा देने के बाद वह प्रधान मुख्य अभियंता के रूप में सेवानिवृत्त हुए और अब जालंधर में बसे हैं। रेलवे के विषय पर लिखने के लिए वह एक सही विकल्प हैं ।

पंजाबी भाषा में पहली पुस्तक "मेरी फुलवारी" के बाद यह पंजाबी और हिंदी भाषा में, बच्चों के साहित्य में उनका दूसरा योगदान है। रेलवे की इन-हाउस पत्रिकाओं में लेखों के प्रकाशन के अलावा, उन्हें पुल निर्माण के लिए एक तकनीकी पुस्तक का श्रेय भी है।

उनकी सामाजिक कार्यों में रुचि है और लिखना उनका शौक है।

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