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Samajik Hatya / सामाजिक हत्या Ling Vastavikata se pare hai

Author Name: Rishab Dass & Pavitra Das | Format: Paperback | Genre : Others | Other Details

यह पुस्तक किन्नर समुदाय पर लिखी गई है। इस पुस्तक पर हमने किन्नर समुदाय की परिस्थितियों को भलीभांति दर्शाया है। इस पुस्तक में लिखे गए इन तमाम प्रयासों वर्तमान वास्तविकताओं को दर्शाया गया है। आज की गहरी हकीकत है। इस पुस्तक का उद्देश्य केवल इतना ही है कि समाज में जागरूकता का प्रसार हो। यह पुस्तक किन्नर समुदाय की परिस्थिति के साथ-साथ उनके साथ हो रहे भेदभाव व भिन्न भिन्न प्रकार के शोषण को भी दर्शाती है। यह पुस्तक किन्नर समुदाय की परिस्थिति व उनके जीवन का सटीक वर्णन करती है।

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Paperback
Paperback 170

Inclusive of all taxes

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ऋषभ दास और पवित्र दास

ऋषभ दास का जन्म 28 जुलाई 1997 को नई दिल्ली में हुआ। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीतिक विज्ञान में स्नातक और स्नातकोत्तर की शिक्षा के उपरांत उन्होंने कई कविताओं और लेखन के माध्यम से समाज की सत्यता पर गहन विश्लेषण किया है। इस पुस्तक के माध्यम से उन्होंने किन्नर समुदाय के उन तमाम वास्तविकताओं को उजागर किया है जो समाज की गहरी हकीकत है।

पवित्र दास का जन्म 26 अगस्त 1995 को देश की राजधानी नई दिल्ली में हुआ। उन्होंने स्नातक की शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय से की है तथा राजनीतिक विज्ञान में स्नातकोत्तर की शिक्षा ग्रहण की है। इन्हें लेखनी में काफी रूचि होने के पश्चात बहुत से कहानियों की रचनाओं का विश्लेषण कर रहे हैं जो समाज का दर्पण है।

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