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Shwetshyam / श्वेतश्याम

Author Name: Shweta Shakkarwal | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

श्वेता जी का बचपन में ही कुछ ऐसे हालातों से सामना हुआ कि उन्हें जिन्दगी को करीब से देखने का मौका मिला। वो हमेशा से ही पढने लिखने का शौक रखने वाली ज़हीन किस्म की महिला थी, खुद से ही सवाल जवाब करती और लिखा करतीं थीं। उन्होंने अपने निजी अनुभवों तथा शख्सियत के पहलू दरशाते हुए ये किताब लिखी है। जब हमारे अन्तरमन को बाहरी दुनिया से अपनी काबिलियत के अनुसार जूझना पडता है, मन की उन्हीं तरंगो को ये रचनाएं उजागर करतीं हैं।

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श्वेता शक्करवाल

मैने मौत से दिल लगाया था,

मेरी जान मुझसे रूठ गई,

जिन्दगी आगे निकल गई...

सांसे पीछे छूट गई।

बुरे सपनों की चीखें

 कुछ ज्यादा,

फिर भी खामोशी है...

मेरे दिल की ये डायरी है,

अपनी कहानी कह रही हूँ,

शायद शायरी है।

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