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Sukh Ke Beej / सुख के बीज

Author Name: Shilpi Jha | Format: Paperback | Genre : Literature & Fiction | Other Details

‘सुख के बीज’ में जीवन के अंधेरों से उपजी कहानियाँ हैं। इन कहानियों में रोशनी की उम्मीद भरी किरणें हैं और ज़िंदगी की कड़वी सच्चाई भी। ‘सुख के बीज’ ज़िंदगी को एक ऐसे दोराहे की तरह हमारे सामने पेश करती है, जहां नहीं चुने गए रास्ते पर हमें अनंत संभावनाएं नज़र आती हैं। और इस अप्राप्य को पाने के मोह में हम चुने गए रास्ते पर मौजूद सुख के बीजों को ठीक से खाद-पानी देना ही भूल जाते हैं। ‘शुगर डैडी’ कहानी है मिसेज़ मेनका शर्मा की। दूसरी बीवी का तमगा लिए बैठीं मिसेज़ शर्मा की ज़िंदगी आज उसी मोड़ पर आकर खड़ी हो गई है, जहां कभी मिस्टर शर्मा की पहली बीवी थी। इंद्रधनुषी साड़ियों और महंगे गहनों के एवज़ में कुछ खोने और कुछ पाने का तीखा बयान है इसमें। कथा-संग्रह की अन्य कहानियाँ भी अपनी भाषा और कथा-वस्तु से पाठक के मन पर एक अदृश्य जादू रचती हैं।

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शिल्पी झा

शिल्पी झा ख़ुद को मूलत: पाठक मानती हैं। पत्रकार रही हैं और फ़िलहाल पत्रकारिता पढ़ाती हैं। पटना विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक और भारतीय जनसंचार संस्थान, दिल्ली से पत्रकारिता करने के बाद करियर की शुरुआत साल 2000 में ‘आजतक’ से बतौर बिज़नेस रिपोर्टर की। कुछ साल वॉशिंगटन में ‘वॉइस ऑफ़ अमेरिका’ की हिन्दी सर्विस में बतौर अंतरराष्ट्रीय प्रसारक काम किया। भारत लौटने पर पत्रकारिता शिक्षण से जुड़ीं। इन दिनों बेनेट विश्वविद्यालय के टाइम्स स्कूल ऑफ़ मीडिया में टीवी पत्रकारिता और मीडिया शोध की प्रोफ़ेसर। ब्लॉग संग्रह ‘मन पाखी’ 2020 में प्रकाशित हुआ। कुछ कहानियाँ पत्रिकाओं और ई-पत्रिकाओं में प्रकाशित। ‘सुख के बीज’ इनका पहला कथा-संग्रह है।

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