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Vyom ke Megh / व्योम के मेघ वनिता की अनुग्रह गाथा / Vanita ki Anugrah Gatha

Author Name: Shubhanjali Sharma | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

स्त्री लेखन में परंपरा से मानवीय भावनाओँ जैसे,प्यार,दोस्ती,मिलन,विरह,इंतज़ार और त्याग जैसी संवेदनओं का महत्वपूर्ण स्थान रहा है| इसी कड़ी में यह काव्य संकलन,हमारे इन्हीं भावनात्मक पहलुओं को न केवल छूती है, बल्कि जगाती और झकझोरती भी है | हमारे जीवन में आये ठहराव को इक गति भी देती है |

यह काव्य संकलन, हमारे जीवन के हर पहलु को छूता है | इसमें जहाँ दर्द है,वही प्यार के अहसास को भी बखूबी दिखाया गया है, जुदाई से लेकर इंतज़ार और फिर मिलन, इश्क़ के हर पहलु को लिखा गया है। दोस्ती जैसे पवित्र रिश्तों की प्रस्तुति इस संकलन को अविस्मरनीय बना देती हैं I कैसे, किसी अनजान व्यक्ति से दोस्ती हमारे ह्रदय में एक सुखद स्पंदन पैदा करती है और हम एक खूबसूरत रिश्ते मैं बंध जाते हैं, तो कैसे कभी कभी अकारण ही हम अपने खास दोस्तों से दूर हो भी हो जाते हैं I एक स्त्री किन समझौतों से गुजरती है, तो कैसे कमजोर पड़ जाने पर भी अपनी ताक़त को फिर इकढ्ठा करके खड़े होने का हौसला भी रखती है। मुस्कान, दर्द, आसूँ सब अपने अंदर समेटकर भी कभी खुद को गिरने नहीं देती। वही यह काव्य संकलन आज के आदमी के चाल चरित्र और चेहरे को पदने और उसपर भी रौशनी डालने का प्रयास करता है I

यह पुस्तक हमें एक स्त्री की भावनाओं और संवेदनाओ को समझने में हमारी काफी मदद करती है I

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Paperback
Paperback 199

Inclusive of all taxes

Delivery by: 7th Oct - 11th Oct

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शुभांजली शर्मा

व्योम के मेघ, कविताओं का एक संकलन, एक कवयित्री के दिल से उत्पन्न मानवीय भावनाओं की व्याख्या करता है, जो खुद भावनाओं के तूफान से गुज़री है। जैसा कि मुसो कोकुशी के प्रसिद्ध शब्दों में है "कठिनाई एक आशीर्वाद है, जब यह प्रयास को बढ़ावा देता है और विकास; सहजता एक अभिशाप है जब यह शालीनता और आत्मग्लानि को बढ़ाता है।” इस पुस्तक की कवयित्री सुश्री शुभांजली शर्मा ने अपने व्यक्तित्व को चमकाने के लिए अपने जीवन में अनेक संघर्षों का सामना किया है और शानदार जीत हासिल की है। सुश्री शर्मा का जन्म एक अमीर और संपन्न व्यवसायी परिवार में हुआ है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा साइंस स्ट्रीम की छात्रा के रूप में पूरी की, लेकिन उनके साहित्यिक दिल ने उन्हें मेडिकल लाइन में जाने नहीं दिया और उन्होंने क्रमशः अंग्रेजी और इतिहास में मास्टर्स डिग्री का अध्ययन करने का विकल्प चुना। चूंकि वह हमेशा जीवन में एक गहरी पर्यवेक्षक रही हैं, मानवीय भावनाओं, संबंधों और उनके बदलते चेहरों ने हमेशा उन्हें मोहित किया है और उनके चित्रों और कविताओं में अभिव्यक्ति मिली है। उन्होंने कम उम्र में लिखना शुरू कर दिया था, लेकिन अपने पति की प्रेरणा से, जो पेशे से सफल व्यवसायी हैं, लेकिन दिल से एक सच्चे कलाकार हैं, उन्होंने इस संकलन के प्रकाशन के बारे में सोचना शुरू कर दिया। जो अब व्योम के मेघ - वनिता की अनुग्रह गाथा के नाम से हमारे हाथ में है।

हम आशा करते हैं कि कविताओं का यह संग्रह पाठकों के दिलों को छुएगा और निश्चित रूप से उनकी स्मृतियों में एक अमिट और विशिष्ट स्थान पायेगा।

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