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ye kathyen : ek darpan / ये कहानियाँ : एक दर्पण

Author Name: Dr Amita Saxena | Format: Paperback | Genre : Educational & Professional | Other Details

इस किताब में मेरी लिखी चुनिंदा कहानियाँ है और साथ में कुछ बच्चों  को भी साहित्य लेखन में अवसर दिया है। मेरी  कहानी किसी  सपने की उपज नहीं है। ये हमारे आस पास का सच जो हमे दिखता तो रोज़ है लेकिन हम उस पर तब तक धयान नहीं देते जब तक  वह हमारे आँगन  में न जाये जब अपने मन के भाव या  अनुभव को को शब्द दे तभी कहानी बन जाती है। आशा है आपको अपने पहचान का किरदार किसी कहानी में जरूर मिलेगा।आज हिंदी भाषा अपने आस्तित्व से जंग लड़ रही है क्योकि हर कोई विदेशी भाषा के रंग में है हिंदी एक भाषा नहीं बल्कि 
हमारे संस्कारो की माँ है हिंदी हमको सिखाती है। हर बाहर वालो को प्रेम  से अपना लो। हिंदी ने हर दूसरी  भाषा के शब्दों को अपनी चादर में ढक लिया है जब हम बच्चों को कहते है कि हिंदी  कहानी पढ़ो तो हम भी सोच में होते है।  जो हिंदीं हम टीवी में देखते  है या जो कुछ किताबो में होती है वह  अशुद्ध है और कभी कभी इतने  गंदे शब्द प्रयोग किये जाते है कि हम उनके हाथ में विदेशी किताब  ही दे देते  है आज अगर भारत और इसके संस्कार बच्चों को  देने है तो अच्छे साहित्य कि रचना आवशयक है और इतना ही नहीं बच्चों  को भी  लेखन कला में रूचि जगे ,इसका भी ध्यान रखना होगा जैसे हर भोजन से पेट भर जाता है लेकिन उससे सेहत पर क्या असर पड़ेगा वो भी देखना जरूरी है। इसी तरह बच्चे सिर्फ पढ़  रहे है या अच्छा साहित्य पढ़ रहे है। ये भी जरूरी है इस किताब से बच्चे और बड़े कहानी को मह्सूस कर पाएंगे इस कहानी  में कोई  जादू नहीं है पर आप इसमें किसी को तो ढूढेंगे  और वो किरदार आपको  मिलेगा भी। आपका सहयोग अपेक्षित  है विशेष रूप से बच्चों के लिए जिन्होंने अपनी कहानी इस किताब के लिए लिखी है 

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डॉ अमिता सक्सैना

डॉ अमिता  सक्सैना  लेखिका,शिक्षिका, कवियत्री, संपादक और शिक्षा सलाहकार के रूप में हिंदी साहित्य को अपना योगदान दे रही है। देश-विदेश के पत्र पत्रिकाओं में इनके लेख छपते रहे हैं। किसलय, मनभावन कहानी, घरौंदा, काव्य सलिल सहित 20 किताबों में इनकी रचनाएं छपी है। अपनी किताब “दिल छूती वाणी” में इन्होने सकारात्मकता वाणी के बारे में लिखा जिसे काफी सहारना मिली है।  दूरदर्शन और आकाशवाणी  में प्रेरणात्मक कार्यक्रम करने वाली डॉ अमिता हिंदी को प्रोत्साहित करने के लिए गरीब बच्चों को जरूरतमंद बच्चों को हिंदी किताबें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबंध है। प्राइड आगमन  वूमेन अवार्ड, साहित्य भूषण, रंगोली, राजस्थान गौरव सम्मान, हिंदी बेस्ट टीचर अवॉर्ड, मध्य प्रदेश गौरव सम्मान,सहित 36 पुरस्कारो में अलंकृत डॉ  अमिता  हिंदी की सेवा को अपने जीवन का ध्येय मानती हैं।

डॉ अमिता  सक्सैना  लेखिका,शिक्षिका, कवियत्री, संपादक और शिक्षा सलाहकार के रूप में हिंदी साहित्य को अपना योगदान दे रही है। देश-विदेश के पत्र पत्रिकाओं में इनके लेख छपते रहे हैं। किसलय, मनभावन कहानी, घरौंदा, काव्य सलिल सहित 20 किताबों में इनकी रचनाएं छपी है। अपनी किताब “दिल छूती वाणी” में इन्होने सकारात्मकता वाणी के बारे में लिखा जिसे काफी सहारना मिली है।  दूरदर्शन और आकाशवाणी  में प्रेरणात्मक कार्यक्रम करने वाली डॉ अमिता हिंदी को प्रोत्साहित करने के लिए गरीब बच्चों को जरूरतमंद बच्चों को हिंदी किताबें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबंध है। प्राइड आगमन  वूमेन अवार्ड, साहित्य भूषण, रंगोली, राजस्थान गौरव सम्मान, हिंदी बेस्ट टीचर अवॉर्ड, मध्य प्रदेश गौरव सम्मान,सहित 36 पुरस्कारो में अलंकृत डॉ  अमिता  हिंदी की सेवा को अपने जीवन का ध्येय मानती हैं।

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