Hindi

उफ़नता लावा
By Dr Arti 'Lokesh' in General Literary | Reads: 138 | Likes: 0
आज परमू की शादी है। शहर का सबसे महँगा बेंकट हॉल। विवाहस्थल किसी राजमहल से कम नहीं। मुख्य द्वार पर बिजलियाँ अभिवादन  Read More...
Published on Sep 12,2020 12:17 AM
चीर-फाड़ वाली डॉक्टरनी
By Dr Arti 'Lokesh' in General Literary | Reads: 158 | Likes: 0
“पत्नी उम्मीद से है। सोचता हूँ दीपक, इस बार रिस्क न लूँ और ‘... परीक्षण’ करवा लूँ। “कैसी बात करते हो राजेश! अगर बेटी हु  Read More...
Published on Sep 12,2020 12:24 AM
गुड़ की भेली
By Dr Arti 'Lokesh' in General Literary | Reads: 168 | Likes: 0
“अभी तुम्हारे पिता की चिता की राख भी ठंडी नहीं हुई और तुम्हें जायदाद का हिस्सा चाहिए।” चिल्लाते हुए गुस्से से काँप  Read More...
Published on Sep 12,2020 12:29 AM
यादें
By Anuj Subrat in True Story | Reads: 116 | Likes: 1
आज शाम जब मुझे भूख लगी तो अपनी माँ के पास गया और माँ की साड़ी का पल्लू पकड़ कर , खींचते हुए उससे शिकायती लहजे में कहा कि,   Read More...
Published on Sep 14,2020 07:21 AM
अद्वितीय सुषमा का धनी : मोंटेनेग्रो
By Dr Arti 'Lokesh' in Travel | Reads: 123 | Likes: 0
यात्रा संस्मरण   अद्वितीय सुषमा का धनी : मोंटेनेग्रो   बहुधा ऐसा होता है कि आप जहाँ की कल्पना भी न कर रहें हों नियति   Read More...
Published on Sep 16,2020 06:56 PM
हसरतें है मेरी
By Rohit in Poetry | Reads: 110 | Likes: 0
हसरतें है मेरी के रहना है तेरे इतने करीब, चाह कर भी हमें जुदा ना कर पाए नसीब.. हसरतें है मेरी के सुन कर तेरी हर बातें, ब  Read More...
Published on Sep 17,2020 04:28 AM
एकतरफा
By Sofil Dangi in General Literary | Reads: 135 | Likes: 2
गाने में खोई हुई संजीदा को छेड़ते हुए अर्पित ने कहा - ऐसा अपने साथ भी हो सकता है। संजीदा - तो......... अर्पित - तो क्या, मेरी   Read More...
Published on Sep 18,2020 09:16 PM
Ek nyi pehchan
By Guddan Namdev in Poetry | Reads: 109 | Likes: 0
               ◆ एक नई पहचान ◆ कुछ अधूरे सपनो को लेकर ,फिर से ख्वाब बन रही हूं मैं , इरादे कमजोर हुए थे, सारे सपने चूर हुए थे प  Read More...
Published on Sep 20,2020 01:39 PM
जिन्दगी का सफर
By Kunal verma in Poetry | Reads: 110 | Likes: 1
सफर है जिन्दगी का तय तो करना होगा । कि सफर है जिन्दगी का तय तो करना होगा । लाखों कठिनाईयाँ आएगी जिन्दगी में । आगे बढन  Read More...
Published on Sep 20,2020 07:34 PM
बेमतलब
By Mridula Singh in Poetry | Reads: 205 | Likes: 0
बेमतलबउस शहर का भी क्या मतलब,जिसमें कोई हमदर्द भी ना हो।उस हमदर्द का भी क्या मतलब,जिसे मेरे दर्द की परवाह भी ना हो।उ  Read More...
Published on Sep 21,2020 10:09 AM
DAASTAN
By Syeda Ruqia Zaidi in Poetry | Reads: 195 | Likes: 43
Zindagi khatam e gulzar hoti hai Bus qatm yuhi her baar hoti hai Kuch toh badalte chale iss zamane me Shamma yuhi                           nahi roshan her baar hoti hai....   Aye hasrat guzar tu bhi sunle teri bewafai key itne kisse hai ek din key liye hi sahi wafa chu  Read More...
Published on Sep 21,2020 04:03 PM
काव्य -निर्झरा
By MONIKA RASTOGI in Poetry | Reads: 92 | Likes: 0
विघ्नहरण, मंगलकरण की वंदना से अपनी रचना प्रारम्भ करती हूँ...  हे आदिदेव !हे प्रथम पूज्य ! रिद्धि -सिद्धि के स्वामी ! शु  Read More...
Published on Sep 21,2020 09:25 PM