JUNE 10th - JULY 10th
काव्या एक बहुत सुंदर लड़की होने के साथ-साथ गाना भी बहुत अच्छा गाती थी। पर उसकी किस्मत देखो वह विकलांग थी। पर उसे इस बात पर कोई अफसोस नहीं था। कि वह ऐसी है। काव्या एक गरीब परिवार से थी।
घर पर उसकी परिवार में उसकी सहायता के लिए कोई नहीं था। शिवाए उसकी मां के। काव्या अपने घर को चलाने के लिए एक रेस्टोरेंट में गाना गाती है। और एक बार जब वह बस से जा रही थी। तब रास्ते में ट्रैफिक लगी थी। तब बस को भी रुकना पड़ा।
और वहीं से राज अपनी बाइक के साथ ट्रैफिक खत्म होने का इंतेजार कर रहा था। और काव्या उसी बस में बैठकर गाना गा रही थी। तब काव्या की आवाज ने राज को बहुत आकर्षित किया। राज को लगा, कि जिसकी आवाज इतनी सुंदर है। तो वह वास्तव में कितनी सुंदर होगी। पर सच्चाई कुछ और ही थी।
उसके बाद ट्रैफिक खत्म होने के बाद काव्या अपने रेस्टोरेंट चली गई। और राज अपने घर चला गया। फिर कुछ दिन बाद काव्या की आवाज राज को फिर सुनाई देती है। जब राज उसी रेस्टोरेंट में जााता है। तब फिर राज सोचता है। कि यह उसी लड़की की आवाज है। तब राज एक वेटर पूछता है, कि यह गाना कौन गा रहा है? तब वेटर बताता है, कि काव्या मैडम गाना गा रही हैं। और वह यहां रोज गाना गाने आती है। वह यहां पर जॉब करती हैं। तब राज कहता है, कि क्या मैं तुम्हारी काव्या मैडम से मिल सकता हूं? तब वेटर ने कहा, कि काव्या मैडम किसी से मिलती नहीं है। राज ने कहा ठीक है। फिर उसके बाद वापस चला जाता है। फिर राज कुछ दिन बाद आता है। उसे फिर काव्या की आवाज सुनाई पड़ती है। वह कहता है। आज चाहे कुछ भी हो जाए, मैं उस लड़की से तो मिलकर ही रहूंगा। लेकिन जब तक वो जाता है। तब काव्या जा चुकी होती है।
काव्या की आवाज ने राज को इतना आकर्षित किया। कि वह उसका गाना सुनने के लिए दिन प्रतिदिन रेस्टोरेंट आने लगा। और वह काव्या से मिलने के लिए बहुत बेताब हो गया। कि मैं उस लड़की से मिलकर ही रहूंगा। चाहे कुछ भी हो जाए। एक दिन राज ने वेटर को मना ही लिया। कि मुझे तुम्हारी मैडम से मिलना है। बड़ी मुश्किल से वेटर माना, कि ठीक है। अब मैडम से मिल लेना।
राज इस बात से अनजान है। कि काव्या एक विकलांग लड़की है। एक दिन जब काव्या रूम में बैठकर गाना गा रही थी। तभी अचानक राज उसके सामने जा पहुंचा। काव्या अचानक से घबरा गई। और पूछने लगी। तुम कौन हो? जो अचानक से मेरे सामने आ गए। तब राज ने कहा, कि मैं वही हूं। जिसे आप की आवाज ने दीवाना बना दिया है। और मैं आपसे कब से मिलना चाहता हूं। लेकिन किस्मत देखिए आज मैं आपसे मिल रहा हूं।
और फिर राज कहने लगा, कि तुम मुझसे दोस्ती करोगी। लेकिन काव्या ने कहा, कि हमारी दोस्ती संभव नहीं है। राज ने कहा लेकिन क्यों? काव्या ने कहा बस ऐसे ही। और यह कहकर काव्या वहां से चली गई। फिर राज को थोड़ा सा अजीब लगा। कि ऐसी क्या बात है। जो काव्या उस से दोस्ती करने से मना कर रही है। लेकिन राज को यह नहीं पता था। कि वह एक विकलांग है।
फिर राज उसी रेस्टोरेंट में दिन प्रतिदिन आने लगा। और फिर उसका काव्या के साथ मुलाकात का सिलसिला बढ़ने लगा। और फिर दोनों में धीरे-धीरे दोस्ती हो गई। लेकिन राज इस बात से अभी भी बेखबर है। कि काव्या विकलांग लड़की है। और काव्या को भी कभी मौका नहीं मिला। कि वह उसे बता सके।
और एक दिन राज काव्या को शादी के लिए प्रपोज करता है। तब काव्या मना कर देती है। लेकिन राज को बुरा लगता है। कि आखिर मुझ में क्या कमी है। जो काव्या ने मेरे प्रस्ताव को मना कर दिया। लेकिन राज काव्या को शादी के लिए मना ही लेता है। और काव्या राज को अपनी सच्चाई के बारे में बताना चाहती है। लेकिन राज को बताने का मौका ही नहीं मिल पाता है। और फिर उन दोनों की शादी की तारीख नजदीक आ जाती है। और जब उसकी शादी होती है। तब मंडप में कुछ लोग काव्या को व्हील चेयर पर लेकर आते हैं। तब राज बिल्कुल भयभीत हो जाता है। कि यह क्या हो रहा है मेरे साथ?
तब राज भड़क जाता है। और फिर काव्या को बहुत बुरा भला कहता है। कि तुमने मुझे धोखा दिया। तुमने मेरा मजाक बनाया। और मेरी भावनाओं के साथ खेला।लेकिन काव्या रोने के अलावा कुछ कह नहीं पाती है। और फिर राज शादी तोड़ कर चला जाता है। और काव्या फिर बहुत रोती है।
फिर कुछ दिन बाद काव्या गाना गाने के लिए उसी रेस्टोरेंट में जाने लगती है। फिर धीरे-धीरे पुरानी बातों को भूल ने भी लगती है। लेकिन एक दिन राज अचानक सामने आ जाता है। उसको फिर अपने पुराने दिन याद आने लगते हैं। तब राज काव्या से नफरत करता है।
और जब काव्या गाना गाती है। उसी रेस्टोरेंट में फिर कुछ देर बाद कुछ बदमाश तरह की लड़के उसकी गाने पर कमेंट करते हैं। तब राज को बुरा लगता है। और जब राज उन लड़कों को सबक सिखाने के लिए आगे आता है। फिर काव्या कहने लगती है। जब तुम्हारा मुझसे कोई रिश्ता नहीं है। तुम मेरे कोई नहीं हो। तो तुम्हें क्या फर्क पड़ता है। कोई मेरा मजाक बना है।
फिर राज काव्या की बात सुनकर वहां से वापस आ जाता है। और फिर सारी बातों को सोचता है। कि आखिर उसमें काव्या की क्या गलती है? कि वह ऐसी है। काव्या ने तो कभी उससे झूठ बोला नहीं। लेकिन हां ये बात छुपाई भी तो थी।
एक दिन काव्या बस से जा रही होती है। और फिर उसी बस का एक्सीडेंट हो जाता है। तब राज को यह बात पता चलती है। तब वह बिना सोचे समझे काव्या से मिलने हॉस्पिटल के लिए चला जाता है। तब देखता है कि काव्या कितनी मासूमियत के साथ हॉस्पिटल में भर्ती है। सोचता है, कि तब उसने काव्या के साथ गलत किया है। उसमें काव्या का क्या दोष है। फिर कुछ देर बाद काव्या को होश आ जाता है। और फिर काव्या राज को खुद के पास पाकर बहुत खुश हो जाती है। और फिर राज काव्या से माफी मांगता है। फिर दोनो की शादी होने के बाद राज काव्या का इलाज कराता है।
फिर काव्या अपने पैरो से चलने लगती है। फिर राज और काव्या दोनों अपना खुशहाल जीवन जीने लगते हैं।
आशा करती हूं, कि आपको ये कहानी जरूर पसंद आयेगी।
धन्यवाद!
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