JUNE 10th - JULY 10th
लड़की जिसके लिए प्यार एक दुश्मन था
जब वह पढाई कर रही थी
तो फिर ऐसा क्या हुआ की वो लड़की प्यार करने लगी l
यहाँ कहानी IIMT UNIVERSITY के दो स्टूडेंट्स की है
कहानी है दो ऐसे पंछियों की जो प्यार के आस्मां में उड़ना चाहते थे
बात है उन दिनों की जब संजीव पहली बार कॉलेज में एडमिशन लेने गया
और वह अपना कॉलेज फॉर्म भर रहा था की बगल से आकर एक आवाज सुनाई दी
हेलो आपके पास एक्स्ट्रा पेन है
संजीव ने जैसे मुड़कर देखा तो वो मन नहि कर पाया और अपना फॉर्म छोड़कर उसने पेन दे दिया और उसे देखने लगा और उस लड़की को देखने के बाद उसके मन से लड़िकियो की तश्वीर मानो कि डिलीट हो गयी हों वो उस दैवीय अफ्सरा जैसी लग रही थी कि कोई भी लड़का उस ऐश्वर्य रुपी अप्सरा पर पूरा जीवन न्योछावर कर दे
और इस तरह संजीव मन ही मन उसके सपने देखने लगा और
संयोग से जब क्लास पहुंचा तो वो उसे देख कर अपनी क्लास में दग रह गया
और वो उसके बगल में बैठ गया और धीरे से एक दूसरे से बात हुई
और फिर संजीव रोज बात करने का बहाना ढूंढने और धीरे धीरे वह प्रेम करने लगा
और बात है फ्रेशर पार्टी का और संजीव इंतज़ार कर रहा था की उसे प्रोपोज़ करने का टास्क मिला
और उसने तान्या को बुलाया और स्टेज पर प्रोपोज़ किया और तान्या ने मनl नहीं किया
और संजीव को समझा दिया की मई यह सब नहीं कर सकती
हम केवल अच्छे दोस्त रह सकते है संजीव भी कहाँ उम्मीद छोड़ने वाला था काव्या संजीव की बेस्ट फ्रेंड थी
संजीव कि फ्रेंड काव्या के साथ एक अप्रिय घटना घटी जिससे काव्या कि देखरेख के लिए तान्या को काव्या के साथ रुकना पड़ा , काव्या तान्या आपस में रूम मेट थी
लेकिन काव्या के साथ एक एक्सीडेंट हुआ जिससे की तान्या को काव्या का देख भाल किया
और काव्या संजीव की घंटो रात तक बातें हुआ करती थी संजीव अपने दिल कि हर बात काव्य को बताता था एक दिन काव्य सो गई
और कॉल चल रही थी संजीव ने दिल की बात काव्य को बता दी
और वह कॉल पे तान्या थी आखिर फिर तान्या ने संजीव से ६ महीने बात नहीं की
और फिर जब तान्या समझ गयी कि संजीव अच्छा लड़का है और संजीव के साथ फ्रेंडशिप करने में कोई बुराई नहीं है एक दिन संजीव ने तान्या से अपने दिल के दर्द के बारे में कहा और तान्या संजीव की बातो में आ गयी
और नई कहानी शुरू हुई इस तरह से संजीव ने तान्या के दिल में प्रेम जगा ही दिया
और दुनिया और शिकारी की नज़र से बचकर ये पंक्षी नए आसमान में उड़ने लगे,
मगर ये मोहब्बत कहा ज़माने को अच्छी लगने वाली थी ,
जैसे जैसे टाइम गुजर रहा था तनयl संजीव एक दूसरे के लिए ही जीने लगे थे
उनकी मोहबत सिर्फ जिस्म तक की नहीं थी उनकी मोहबात उसमें भीगे पंछियों की तरह थी
जिसे ये पता था की हमे दुनिया में खुद को साबित कर के प्यार हासिल करना है
जैसे जैसे साल गुजरा तान्या एक मल्टीनेशनल कंपनी में प्लेस्ड हुई और
संजीव दुबई चला गया तीन साल के बाद जब संजीव आया
तब तक तान्या की सगाई होने वाली थी और तान्या ने ये बात घर वालो को बताई तो घर
वाले राज़ी हो गए और उन दोनों की शादी हो गयी
मगर शादी के दो साल हुए थे की संजीव को एक लड़की से अट्रैक्शन हो गया
उसको पाने की छह में उसने तान्या को इग्नोर करना शुरू कर दिया
और जैसे जैसे उस से नज़दीकियां बढ़ने लगी तान्या दूर होती गयी बात
उन दिनों की है जब अनामिका और संजीव एक ही ऑफिस में काम करते थे
और लेट नाईट तक काम करते करते देर हो गयी और संजीव को मौका
मिल गया घर तक छोड़ने का ,संजीव अपने दिल के अरमान पूरा करना
चाहता था उस पर जो भूत सवार था उसने अपनी हसरत बयां कर दी
अनामिका एक खुले दिल की लड़की थी उसने भी सहमति जाता दी
लेकिन उस दिन संजीव को अनामिका साड़ी में अफ़सरा लग रही थी
उसका स्लीव लेस्स ब्लाउज उसके होश उडा रहा था जैसे ही वो
आगे बढ़ा उसने रोक दिया और मना कर दिया की पहले बीवी से तलाक़
लो ,कहते है न चाहत किसी को भी अपराधी बना सकती है उसने अपनी
उस मोहब्बत को छोड़ दिया जिसे बरसों प्यार किया था और अनामिका
ने उसके साथ वो सब किया जो एक पत्नी पति को सुख देती है संजीव भी
खुश था क्यों की अनामिका को पाकर वह जन्नत जा चूका था धीरे धीरे
यही खेल चलता रहा लेकिन अनामिका डेविड के पैसे से प्यार करती थी
और डेविड बॉस था कंपनी का , और अनामिका डेविड के लिए
संजीव को छोड़ गयी और भला बुरा कह गयी ,तब संजीव को अहसास हुआ
अपनी गलती का और वो फिर तान्या को मनl कर ले आया और
फिर गलती करने की सोचा भी नहीं अब संजीव तान्या के दो बच्चे भी हैं
और प्रसन्नता पूर्वक जीवन जी रहे हैं
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arun raj
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