चिड़िया की परेशानी
By Prakash Vishnoi in Poetry | পড়ার জন্য : 1,049 | পছন্দ: 1
एक चिड़िया थी वह बहुत उच उड़ती , इधर उधर चहचहाती रहती | कभी इस टहनी पर कभी उस टहनी पर फुदकती रहती |पर उस चिड़िया की एक आदत थ  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 30,2020 07:14 PM
एक दिन जब हम नही होंगे
By in Poetry | পড়ার জন্য : 1,049 | পছন্দ: 0
आओ चले हम उस जहाँ में जहा वक्त रुका रुका सा हो थमा थमा सा हो वहा बैठे हुए एक दूसरे के साये तले फिर ये सोचे उन दिनों क्य  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Apr 24,2020 05:23 AM
चूना और गेरू
By DR. RAJESHWAR UNIYAL in General Literary | পড়ার জন্য : 1,048 | পছন্দ: 2
चूना और गेरू         -  डा. राजेश्वर उनियाल            9869116784             uniyalsir@gmail.com    বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 22,2020 05:39 PM
फिर याद - Fir Yaad
By Tale a story in Poetry | পড়ার জন্য : 1,048 | পছন্দ: 1
इस कदर ज़माने में उलझा हुआ था के तेरी याद को महसूस करना भुला दिया था  आज ज़िंदगी ने मौका दिया घर बेठ ने का इस कदर तेर  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Apr 20,2020 03:32 PM
MISSION SPACE ENTITY 2030
By Payal Arun in Sci-fi | পড়ার জন্য : 1,048 | পছন্দ: 0
The secret mission had started . It was jointly organized  by researchers from Japan,India and America, and the mission was named "Mission space entity2030". "The world has changed a lot over a decade and after we succeeded in reaching Mars for the second time and collect evidences,India has be  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে May 2,2020 08:07 PM
एक तरफा प्यार
By poorvi in Poetry | পড়ার জন্য : 1,047 | পছন্দ: 1
शीर्षक - एक तरफा प्यार इंकार हो या इक्रार हो क्या फर्क पड़ता है इश्क़ का सरूर ही कुछ ऐसा है जो धीरे धीरे चढ़ता है मेरी  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Apr 9,2020 12:11 AM
The Story of Bruises
By Saptarshi Bhowmick in Horror | পড়ার জন্য : 1,047 | পছন্দ: 2
There’s a dog on the street; tattered and bruised-mark all over him. But he had something of a pride, you know. My colony is full of street dogs and he has a different place in them. No one ever tried to screw with him. He never asked for food, never mends in other’s business. Just   বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে May 28,2020 12:21 AM
రత్నగర్భ భారతదేశం
By Giridhar Alwar in Poetry | পড়ার জন্য : 1,046 | পছন্দ: 1
కోట్ల గళముల కీర్తి నినాదం నా భారతదేశం. ఆటుపోట్ల త్రిసాగరాలు సరిహద్దులైనదే నా భారతదేశం. వైవిధ్యపూరిత జాతుల సమ్మ  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 24,2020 09:47 AM
कोरोना कीं त्राही
By sugam neema in Poetry | পড়ার জন্য : 1,045 | পছন্দ: 1
                            "कोरोना कीं त्राही" ये कैसी महामारी है इसका प्रकोप भारी है हर पल-पल कुछ होता हर   বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Apr 24,2020 03:45 AM
GREED!
By Tyra Colaso in True Story | পড়ার জন্য : 1,044 | পছন্দ: 0
 Lyaan was the youngest but so was Ken and so both enjoyed the privileges of being pampered. Even though they had such commonalities, they were generations apart which sure meant that the mindset would be different. While Ken enjoyed his teenage years of life, marking way for his career to come  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Apr 11,2020 04:50 PM
Magic
By Masarrat Panjwani in Poetry | পড়ার জন্য : 1,044 | পছন্দ: 4
Oh my, that woman, she was like the morning star. She healed all the scars that were far. Oh my, that woman, she was like the morning breeze. She caressed the soul with an appease. Oh my, that woman, she was like a daydream. She enlightened the dream as if it was seventeen. Oh my, that woman, she  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Apr 24,2020 01:24 AM
प्रेम की सबरी
By saurabh saroj in Poetry | পড়ার জন্য : 1,044 | পছন্দ: 0
1-मन में एक संकल्प लिए तुम, निसदिन पथ पर बढ़ते जाना। प्रेम को पीछे मत छोड़ देना, इसे बोलते गाते जाना।। 2- प्यार किया तो   বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে May 5,2020 12:05 PM
The Red Assassination (Part-1)
By Abhinav Srivastava in Mystery | পড়ার জন্য : 1,044 | পছন্দ: 5
"What is this, Ayush? Your shoes are again red, as usual! I have told you so many times, don't go that much far. Study there and come home. Is it necessary to play in that playground?""No, it surely isn't... But that playground is unique. The babbling sound of the conversations and cooing of doves a  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Jun 11,2020 04:44 PM
अज़ब देश की गज़ब कहानी
By Dr Jagdish Prasad in Poetry | পড়ার জন্য : 1,043 | পছন্দ: 0
भारत देश विचित्र है क्योंकि यहाँ – कथनी बहुत, पर करनी कम . वक्ता बहुत,  पर श्रोता कम . आलोचक खूब, प्रशंसक कम. विचार   বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 30,2020 12:01 PM
आज बैठकर में कागज की कश्ती बनाऊंगा।
By RAWIN SINGH PARMAR in Poetry | পড়ার জন্য : 1,043 | পছন্দ: 1
आज बैठकर में कागज की कश्ती बनाऊंगा उसमें बैठकर मैं फिर अपने बचपन में लौट जाऊंगा।    इस बदलते वक्त में कहीं तो जाऊ  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Apr 30,2020 11:38 PM