JUNE 10th - JULY 10th
सब ठीक चल रहा होता हैं लेकिन ख़ुशी के पिता का बिजनेस ठीक नहीं चल रहा था और वो अपने लोन भी नहीं बढ़ अ रहा था जिससे उनकी कंपनी लोन डिफौल्ट कर रहा था कंपनी की कमाई कम खर्चा ज्यादा हो रहा था जिस कारण उन्हें अपनी कम्पनी बंद करने की नौबत आ गई जब ये बात ख़ुशी को पता चलती हैं तो वो पैसो का इन्तेजाम करती हैं जिसके लिए वो अपने दोस्तों से पैसे मांगती हैं लेकिन वो कुछ वजह बता कर मन कर देते जिसके बाद ख़ुशी बैंक से भी लोन लेने की कोशिश करती हैं लेकिन उसे पता था का इसमें काफी टाइम लग सकता हैं जिसके बाद वो सोचती हैं क्यों न अपने शेयर बेच दे लेकिन उसे ये बात भी पता था की उसकी कंपनी में कोई भी हिसेदारी नहीं होगी तो बोर्ड मेम्बर उसे सीईओ के पद से इस्तीफा देने के लिए मजबुर कर सकते हैं क्योंकि कंपनी में ख़ुशी किसी की भी नहीं सुनती थी सिर्फ अपना ही चलती थी इस कारण से बोर्ड मेम्बेर्स ख़ुशी कुछ खासा खुश नहीं थे लेकिन ख़ुशी ने अपने परिवार की सोचती हैं और अपने शेयर्स को कई इन्वेस्टर्स को बेच देती हैं क्योंकि उसकी कंपनी भी काफी अच्छा काम कर रही थी इसके बाद ओ अपने पिता के सारे लोन को बढ़ देती लेकिन ख़ुशी जैसा सोचा था होता भी ऐसा ही हैं बोर्ड मेम्बेर्स ऐसे ही मौके की तालाश में थे और वो ख़ुशी को सीईओ की पॉट से रिजाइन करने के लिए मजबूर करते हैं उसमे वो सफल हो जाते हैं और ख़ुशी को रिजाइन करना पड़ता हैं जिसके बाद खुही काफी दुखी होती हैं और और की से भी बात नहीं करती यहाँ तक की अपने माता पिता से भी हालाँकि कंपनी ने उसे किसी और पोस्ट पर्रहने के लिए कहा था लेकिन ख़ुशी नहीं मानी और रिजाइन दे दिया और जिस कम्पनी को ख़ुशी ने अपने म्हणत से इतना बड़ा बनाया था आज उसी कंपनी से ख़ुशी को जाना पड़ा
अब ख़ुशी को किसी भी चीज में मन नहीं लगता न ही वो किसी से भी बात करती न ही फ़ोन कॉल उठाती थी वो अलग ही दुनिया में चली गयी थी एक दिन वो बहार गई थी लेकिन रात होने पर भी वापस न आई तो उसके माता पिता परेशान हो गए थे प्रिंस उन्हें परेशान देख उनसे पूछता हैं तो वो बताते हैं की ख़ुशी अभी तक आई नहीं हैं तो प्रिंस उसे दूंधने निकल जाता हैं वो आस पास सभी जगह छान मारता लेकिन ख़ुशी उसे कहीं भी नहीं मिलती इधर ख़ुशी सुध रोड पर चले जा रही थी उस कोई भी होश नहीं था उसका अचानक से एक कार से टक्कर हो जाता होने वाला था लेकिन ठीक वक्त पर प्रिंस पहुँच कर उसे बचा लेता हैं और साइड ले जाता हैं ख़ुशी प्रिंस को एक थप्पर लगा देती हैं प्रिंस कुछ नहीं कहता और उसे घर ले जाता हैं ख़ुशी को देख उसके माता पिता खुश हो जाते हैं प्रिंस के गाल लाल देखकर उसकी माँ प्रिंस पूछती हैं क्या हुआ तो प्रिंस उस बात को ताल देता हैं वो अभी भी ख़ुशी को दुखी देखकर उसे खुश करने का प्लान बनाता और अपने स्कूल के बच्चे बुलाता जो उसके अछे दोस्त बन चुके थे और वो लोग घर आ जाते हैं और खेलते कूदते हैं ख़ुशी के सामने ताकि ख़ुशी खुश हो जाये लेकिन वो उदाश ही रहती हैं फिर जब एक बच्चे को फ़ोर्टी आता हैं तो वो पाद मार देता हैं जिससे ख़ुशी के चेहरे पर एक छोटी सी स्माइल आ जाती हैं जिससे उसके माता पिता खुश हो जाते हैं और समझ जाते हैं की बच्चो की बिच रहकर ख़ुशी खुश रहेगी इसलिए वो प्रिंस को कहते हैं की कुछ समय के लिए वो ख़ुशी को अपने साथ स्कूल ज्वाइन करबा जिससे उसका मन बना रहेगा प्रिंस हाँ कर देता हैं
ख़ुशी का मन तो नहीं होता लेकिन फॅमिली के कारन उसे अगले दिन प्रिंस के साथ स्कूल जाना पड़ता हैं और वो स्कूल जाते हैं ख़ुशी का पहला दिन स्कूल में बहुत ही मुश्किल बीतता हैं क्योंकि उसे छोटे बच्चो का टीचर बनाया गया था जिन्हें संभालना मुश्किल रह था क्योंकि आज से पहले ख़ुशी ने इतने सारे बच्चो को एक साथ नहीं संभाला था जिसे देख क्लास रूम के बहार से प्रिंस ये सब देख खुश हो रह था ख़ुशी की नज़र उसपर पड़ते ही वो वोहा से चला जाता हैं ख़ुशी के चेहरे पर भी स्माइल आ जाती हैं फिर दिनन ऐसे ही बीतते जाते हैं अब ख़ुशी का बर्ताब प्रिंस के लिए बदलने लगा था अब वो भी रोज़ सुबह प्रिंस के साथ गार्डन जाती योग करती और खुश रहती एक स्कूल के स्टाफ रूम में जब वो साथ थे तब एक फीमेल टीचर का पहला डेट था तो वो आपस में बाते करते हैं और उसे टिप्स देने लगते हैं क्योंकि वो नर्वस थी और प्रिंस से पूछती हैं तुम अपनी गर्लफ्रेंड को फर्स्ट टाइम कैसे perpose करते तभी प्रिंस उस टीचर का हाथ पकड़ लेता हैं और घुटनों पर बैठ जाता हैं और कहता हैं लाइब्रेरी की तरह तुम्हे मैं सजा कर रखूँगा किताबो को जितना प्यार करता हूँ उतना करूंगा कभी भी तुम्हे खोने नहीं दूंगा हमेशा तुम्हे अपने दिल में मेन एंट्री बना कर रखूँगा इस बात पर सभी लोग हस्ते हैं लेकिन ख़ुशी को ये सब अच्छा नहीं लग रहा था की प्रिंस किसी और का हाथ पकड़ रखा था लेकिन वो कुछ नहीं बोल पाती हैं क्योंकि उसके दिल में कहीं न कहीं प्रिंस के लिए जगह बन रहा था .
कुछ समय बाद स्कूल पर एक दुबिधा आ गई थी जिनकी वो जमीन थी उनका देहांत हो चूका था और उन्होंने उस जमीन को स्कूल के नाम नहीं लिखा पाए थे अब उनके बच्चे उस स्कूल को बेचना चाहते हैं जब ये बात प्रिंसिपल सभी को बताती हैं तो प्रिंस उनसे इसका उपाय पूछता हैं तो प्रिंसिपल कहती हैं की ये तो उनके बच्चे ही बता सकते हैं तो प्रिंस ख़ुशी और कुछ टीचर्स के साथ उनके पास पहुँच जाते लेकिन वो नहीं मानते हैं और कहते हैं हमारे पिता जी सब कुछ तो दान कर चुके हैं एक वही स्कूल हैं जो हमें मिला हैं हम इसे किसी भी कीमत पर नहीं दे सकते हैं अगर आप हमें उसकी कीमत दे दे तो हम हम उसे दे सकते सकते . इसके बाद वो सभी वहा से चले जाते और जब बच्चे प्रिंस से पुछ्ते हैं की स्कूल बचाने का कोई उपाय तो होगा तब प्रिंस दिमाग में अचानक से याद आता हैं की उसने कुछ सालो पहले जिस कम्पनी में पैसे लगाये थे तो वो इन्वेस्टमेंट के कागज़ लेकर कंपनी चला जाता हैं ताकि पैसो का इन्तेजाम हो सके जब वो इनकी वैल्यू पता करता हैं तो तो उसे पता चलता हैं की इनकी वैल्यू कई गुना बढ़ चुकी हैं साथ ही उसे ये भी पता चलता हैं की ये कोई और नहीं ये खशी का ही कम्पनी हैं तो स्कूल बचाने के बराबर शेयर्स को बेचकर बाकि शेयर्स को ख़ुशी के नाम करबा देता हैं और स्कूल आ जाता हैं
ख़ुशी उसके दोस्त का कॉल आता हैं की प्रिंस ऑफिस मैं आया था और उसे ये भी बता देती हैं की प्रिंस इस कम्पनी का मेजोरिटी शेयर होल्डर हैं जिससे ख़ुशी को गलत फहमी हो जाता हैं की प्रिंस के पास इतना पैसा होने बाबजूद भी वो एक छोटी सी लाइब्रेरियन की नौकरी कर रहा था और उसे चित करने के इरादे से उसके घर आया था उसी ने उसे कंपनी से भी निकल्बाया था वो गुस्से में स्कूल चली जाती हैं . इधर प्रिंस जमीन खरीद स्कूल आता हैं लेकिन उससे पहले ही ख़ुशी पहुंचीहोती हैं जो की काफी गुस्से में होती हैं . उसे देखते ही वो उस पर टूट पड़ती की तुम धोकेबाज़ हो तुमने मेरे साथ गलत किया हैं उसके आँखों में आंसू आ जाते फिर भी वो प्रिंस को भला बुरा सुनते रहती और प्रिंस चुप चाप सुन रहा होता उनको सभी लोग देख भी रहे होते हैं फिर रोते हुए ख़ुशी वहा से चली जाती हैं जिसके बाद प्रिंस ज़मीन के फाइल प्रिंसिपल को देकर वहा से चला जाता .
रात में गोलू घर पहुँच कर अपना सारा सामान पैक कर के ख़ुशी के लिए एक लैटर छोर कर निकल जाता हैं जब सुबह होती तो ख़ुशी को उसकी दोस्त का कॉल आता हैं की तुम अब वापस से कंपनी की सीईओ बन गई हो ख़ुशी को कुछ समझ नहीं आता हैं वो कॉल रख देती हैं जिसके बाद घर की बेल बजती हैं और ख़ुशी के लिए कूरियर आया होता हैं जब ख़ुशी पार्सल खोलती हैं तो वो देखती सीईओ के अपॉइंटमेंट लैटर के साथ साथ प्रिंस ने जो शेयर ख़ुशी के नाम किये थे उसका फाइल होता हैं ख़ुशी कुछ भी समझ नहीं पाती हैं और वो प्रिंस के कमरे में जाती जहाँ पर गोलू तो नहीं मिलता लेकिन उसका लैटर मिलता हैं ख़ुशी उस लैटर को जब पढ़ती हैं तो उसमे प्रिंस यहीं कहता हैं की उसे कुछ नहीं पता जो कुछ भी वो तक़दीर उसका इसमें कोई भी हाथ नहीं था और लिखा उसमे वो साडी बाते जोआज तक हुई थी सभी ये भी की स्कूल को उसकी जमीन वापस मिल और ख़ुशी के माता पिता से उन्हें बताये बिना जाने के लिए माफ़ी मांगता हैं ख़ुशी उसे कॉल करती हैं उसका फ़ोन नहीं लगता तो वो स्टेशन पर जाकर उसे काफी ढूंडा लेकिन फिर भी उसे कुछ भी प्रिंस के बारे में पता नहीं चला फिर वो रोते वापस घर आ जाती हैं
ऐसे ही समय बीतता हैं और ख़ुशी सीईओ की नौकरी को छोड़ वापस उसी स्कूल में नौकरी करती हैं एक बार उसके लाइब्रेरी एक बुक नहीं मिलती जो की ख़ुशी को पढनी थी जिसके बाद लाइब्रेरियन उसे कहता हैं की इस लाइब्रेरी में चले जाओ वहा तुम्हे मिल जाएगी फिर ख़ुशी स्कूल के बाद उस लाइब्रेरी में जाती हैं और जब वो लाइब्रेरियन से बुक के लिए कहती हैं तो वो देखती हैं की लाइब्रेरियन कोई और नहीं प्रिंस ही होता हैं और वो उसे देखती हैं प्रिंस उसके सामने आके खड़ा हो जाता तो ख़ुशी उसे गल लग रोंर लगती हैं और उससे माफ़ी मांगती और अपने दिल की बात भी उससे कह देती हैं जो काफी समय से ख़ुशी प्रिंस के बारे में फीलिंग रखती थी प्रिंस उसे चुप कराता हैं और उसे बताता हैं की वो भी उससे प्यार करता हैं जब से जब उसने उसे पहली बार देखा था गार्डन वो उसे अचानक नहीं टकराया था बल्कि वो उसे निहारते हुए टकराया था जिसके बाद वो दोनों अपने ज़िन्दगी की एक नयी शुरुआत करते हैं .
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Laxmi
अच्छी रचना
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Thank you for taking the time to report this. Our team will review this and contact you if we need more information.
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