Poetry

Depression
By Jainish Gotecha in Poetry | कुल पढ़ा गया: 411 | कुल पसंद किया गया: 1
Depression Kabhi machalta, kabhi mai chalta, kabhi mai khud mei leen hoon. Mujhe khusiyon se ab matlab nahi kyuki gham ka mai shaukeen hoon. Bahot umeedein dil mei thi magar sach mei kuch ho na saka. Khushi ke aansu toh dekhe par gham mei ab ro na saka. Brahm mei duba pura seher tha. Khake depres  ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ Jun 1,2020 01:42 PM
Pyaar kya hai?
By Jainish Gotecha in Poetry | कुल पढ़ा गया: 245 | कुल पसंद किया गया: 1
Pyaar Kya hai?? Pyaar ke is mehfil mei ap ek anokhe se insaan ho. Logo ko kitna bhi dard ho raha ho par pyaar apke liye aasan ho. Pyaar ek khubsurat chiz hai isse galat insaan par mat azmao. Infact pyaar voh hai jisse ap describe nahi kar skte ho. Ek dusre ko bandh kar apko lagta hai ki ye pyaar   ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ Jun 1,2020 01:43 PM
को रोना काल में मजदूर की व्यथा
By ???? in Poetry | कुल पढ़ा गया: 326 | कुल पसंद किया गया: 0
एक मजदूर की व्यथा को रोना के दौरान क्या कैसे और क्यों यह तीन शब्द एक व्यक्ति के जीवन को अलग दिशा में ले जाते हैं ! एक द  ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ Jun 1,2020 02:34 PM
Dil ki baat
By Neha Panwar in Poetry | कुल पढ़ा गया: 266 | कुल पसंद किया गया: 1
बैठे थे आज शाम के आगोश में फुर्सत के कुछ लम्हे लिए, एक शोर सा अंदर था..... बस एक तू ही बाकी था मुझमें, बाकी सब कुछ बंजर था....  ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ Jun 1,2020 02:45 PM
Main ladki hoo
By oindrilla majumdar in Poetry | कुल पढ़ा गया: 409 | कुल पसंद किया गया: 1
Tu ladki hai tujhe jeene ka haaq nahi Tu ladki hai tujhe kuch paane ka haaq nahi .Haaq ki baat to karo hi maat aye duniya waloYeh zindagi meri hai tumhari beshaak nahi Tu ladki hai tujhe bolne ka haaq nahi Tu ladki hai tujhe kuch jatane ka haaq nahi .Jatane ki baat to karo hi maat aye naseeb waloHum  ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ Jun 1,2020 02:55 PM
बाग वही दिखता है
By P. Sharma in Poetry | कुल पढ़ा गया: 1,394 | कुल पसंद किया गया: 1
खिड़की से बाहर देखूँ,   बाग वही दिखता है।  जहाँ दोस्तों से मिलते थे,  पैर थक न जाँए तब तक चलते थे,  दिलों की बात  ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ Jun 1,2020 03:58 PM
आठवणीचा पसारा
By Shirsath Samiksha in Poetry | कुल पढ़ा गया: 1,012 | कुल पसंद किया गया: 0
आठवणीचा पसारा सांजवेळी कधी घेते मनातल्या अंगणी मी सावराया आठवणींचा फाफट पसारा फुले आठवणींची वेचता वेचता जणू त्य  ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ Jun 1,2020 04:53 PM
My Dearest 'Pride'
By Rohit Dey in Poetry | कुल पढ़ा गया: 513 | कुल पसंद किया गया: 0
The Day teaches the Night :  What are you a worth of...? When I'm known as the biggest of the bright.  The birds, they would sing to me, and the sun wakes me up onto light. The winds would dance at my glance; and All the animals finds happiness when I finance.  Then the night with no  ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ Jun 1,2020 07:25 PM
The change
By DKapoor in Poetry | कुल पढ़ा गया: 404 | कुल पसंद किया गया: 0
I don’t feel much ,  Actually nothing at all ,  I see you with her ,  I’m glad you finished it all ,  Nor I hate you ,  Neither I love at all ,  Just wanted to remind ,  Your presence or absence doesn’t make any difference now for sure .    ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ Jun 1,2020 09:05 PM
आपकी सोच- मेरी पहचान: मेरे पापा
By Ankita Kumari in Poetry | कुल पढ़ा गया: 1,258 | कुल पसंद किया गया: 0
शब्दों का खेल ही खेला है सोचा कि शब्दों से ही जज़्बात हैं। बिन बोले आज सीख गए जब बदले ये हालात हैं। काम करना तो आता था   ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ Jun 1,2020 09:58 PM
आपकी सोच- मेरी पहचान: मेरे पापा
By Ankita Kumari in Poetry | कुल पढ़ा गया: 1,005 | कुल पसंद किया गया: 0
शब्दों का खेल ही खेला है सोचा कि शब्दों से ही जज़्बात हैं। बिन बोले आज सीख गए जब बदले ये हालात हैं। काम करना तो आता था   ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ Jun 1,2020 10:06 PM
Girl who couldn't speak
By Pooja Miglani in Poetry | कुल पढ़ा गया: 390 | कुल पसंद किया गया: 0
It happened all of a sudden She started feeling burden   As the clock struck nine She pretended to be fine   As they sit for dinner She pretended to be winner   Through her kind words She kept winning hearts   Things were not going right She Turned off the light   Those scar  ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ Jun 1,2020 10:09 PM
Girl who couldn't speak
By Pooja Miglani in Poetry | कुल पढ़ा गया: 766 | कुल पसंद किया गया: 0
It happened all of a sudden She started feeling burden   As the clock struck nine She pretended to be fine   As they sit for dinner She pretended to be winner   Through her kind words She kept winning hearts   Things were not going right She Turned off the light   Those scar  ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ Jun 1,2020 10:10 PM
स्त्री भृण हत्या
By Deepika Tendulkar in Poetry | कुल पढ़ा गया: 500 | कुल पसंद किया गया: 0
लक्ष्मी रूपी कन्येला, तुम्ही अलक्षमी कसं ओ मानलं ? निव्वळ मुलाच्या हट्टापाई, तुम्ही 'तिला' कशाला मारलं ? (1) निष्ठूर, न  ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ Jun 1,2020 10:21 PM
My Melancholy
By Anushka in Poetry | कुल पढ़ा गया: 290 | कुल पसंद किया गया: 1
My Melancholy My grief, even if it's grief Is so pure, so holy. Unlike that decorated happiness I've found peace in my melancholy. I didn't realise when my sadness and solace became synonyms. I never knew my sorrows  were turning into religious hymns. Being loving and caring  always led t  ज्यादा पढ़ें...
इस तारीख़ को पब्लिश हुआ Jun 2,2020 12:13 AM