“आत्मा की अनंत यात्रा” गीता के गहन सिद्धांतों पर आधारित एक अद्वितीय कृति है, जो आत्मा के रहस्यमय स्वरूप और उसके ईश्वर से संबंध को उजागर करती है। यह पुस्तक न केवल गीता के दृष्टिकोण को सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करती है, बल्कि विभिन्न दार्शनिकों के विचारों को भी समाहित करती है, जिससे पाठक को आध्यात्मिकता का व्यापक दृष्टिकोण मिलता है।
इसमें आत्मा की अमरता, कर्म और पुनर्जन्म का सिद्धांत, मोक्ष की प्राप्ति के मार्ग, तथा योग और ध्यान की शक्ति का सुंदर वर्णन है। लेखक ने यह स्पष्ट किया है कि ईश्वर कोई दूरस्थ सत्ता नहीं, बल्कि प्रत्येक जीव और ब्रह्मांड के हर तत्व में विद्यमान है।
विभिन्न दार्शनिकों के उद्धरण और दृष्टिकोण इस पुस्तक को और भी समृद्ध बनाते हैं, जिससे यह केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन के गहरे प्रश्नों के उत्तर खोजने का मार्गदर्शक बन जाती है।