हनुमान जी कैसे सागर पार करके सीता माता को एक विश्वास कराते कि आपके स्वामी आपको यहां से लेकर ही जाएंगे "इसलिए मैं आपको एक छोटा सा संदेश देने आया हूं सीता माते". सागर पार करना इतना भी आसान नहीं था लेकिन हनुमान जी ने कई मुसीबतों का सामना करके सागर पार हो गए । इस किताब को लिखने के दौरान कोई भी धर्म या जाति एवम् किसी भी परिवार के सदस्य को नुक्सान नहीं पहुंचाया गया है।