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Hasratien / ह़सरतें Hindi Nazm

Author Name: Navi, ابھے پرتاپ سنگھ | Format: Paperback | Genre : Others | Other Details

खुतूत उन अनकहे शब्दों और अधूरी भावनाओं की कथा है, जो समय पर कहे नहीं जा सके और फिर ख़त बनकर यादों में जीवित रह गए। यह पुस्तक प्रेम, प्रतीक्षा और बिछड़न की एक संवेदनशील यात्रा प्रस्तुत करती है, जिसकी पृष्ठभूमि में गाँव की सादगी, शहर की जटिलता, स्कूल और कॉलेज का जीवन तथा रिश्तों की नाज़ुकता सहज रूप से उभरती है। खुतूत किसी एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि हर उस मन की आवाज़ है जिसने कभी पूरी सच्चाई से चाहा हो और फिर परिस्थितियों के आगे मौन चुन लिया हो। इस कथा में ख़त केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भावनाओं का आईना हैं, जिनमें प्रेम, आशा, पीड़ा और स्वीकार एक साथ झलकते हैं। यह मिलन की नहीं, बल्कि समझ और आत्म-स्वीकार की कहानी है—एक ऐसा दुखांत जो पाठक को उदास करने के बजाय भीतर से और गहरा, संवेदनशील और मानवीय बना देता है।

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नवी, ابھے پرتاپ سنگھ

नवि एक संवेदनशील कथाकार हैं, जिनकी लेखनी में जीवन के छोटे-छोटे अनुभव, भावनाएँ और मानवीय संवेदनाएँ जीवंत हो उठती हैं। उनके लेखन में प्रेम, प्रतीक्षा, बिछड़न और मनुष्य की आंतरिक दुनिया की गहराई प्रमुख रूप से दिखाई देती है। नवि का उद्देश्य पाठक को सिर्फ कहानी सुनाना नहीं, बल्कि भावनाओं के माध्यम से उनके हृदय को छूना है। “खुतूत” उनके विचारों और अनुभवों का प्रतिबिंब है, जिसमें गाँव और शहर, युवा जीवन, और अधूरी प्रेम कहानियों की संवेदनशील झलक देखने को मिलती है।

नवि अपनी लेखनी के माध्यम से जीवन के अनकहे पहलुओं और मौन अनुभवों को शब्दों में ढालने का प्रयास करते हैं, ताकि हर पाठक अपने भीतर किसी छिपी हुई याद या भावना को पहचान सके।

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