लमरेटा एक ऐसा उपन्यास है जिसको पढ़ने के बाद आपको कई ऐसी चीजों का ध्यान आएगा जो कभी आपके लिए महत्वपूर्ण थी लेकिन जिनको जाने अनजाने में आप भूल गए। वस्तु सिर्फ़ निर्जीव पदार्थ नहीं होती बल्कि किसी के द्वारा दिए गए अहसास,प्रेम,सद्भाव का प्रतीक होती हैं। जिनका कोई मोल या भाव नहीं होता। फिर चाहे वो कोई कपड़ा हो,लकड़ी की बनी कलाकृति,कोई पुस्तक,कोई घड़ी,या फिर कोई वाहन जिसको आपने या आपके क़रीबी ने उपहार में दिया हो या आपने लिया हो खुद की मेहनत की कमाई से।
कुछ वस्तुएँ निर्जीव नहीं जीवंत होती हैं!
गौरी, पूनम, भावेशा, विभा, इशिता, स्निग्धा, आशा मिश्रा, अपर्णा और शिवा का शुक्रगुजार हूँ। आप सभी के स्नेह और सहयोग का आभारी हूँ।
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