भूत और राक्षस दुनिया भर में लोक-कथाओं के अभिन्न अंग हैं। भारत इस विषय में कोई अपवाद नहीं है। आप उन्हें धर्म और दर्शन पर कई ग्रंथों में दिए गए संदर्भ मे देख सकते हैं। जब हम इस विषय पर कुछ अधिक गहराई से झांकते हैं, तो हम कुछ विशिष्ट शक्तियों (या आप कह सकते हैं लक्षण) के साथ कुछ विशिष्ट भूतिया आकृतियाँ पाएंगे।इस पुस्तक में, आपको कुछ लोगों द्वारा अनुभव किए गए वास्तविक वक्तवयों से प्रेरित भूतों के किस्से मिलेंगे। पुस्तक के अंत में कुछ विशिष्ट भूत आकृतियों का भी वर्णन किया गया है। एक कहानी किताब से: -शहर के बाहर सड़क के साथ एक शैक्षिक संस्थान का निर्माण कार्य चल रहा था। राकेश, बाइक पर सवार एक व्यक्ति शाम को निर्माण स्थल से गुजर रहा था। जगह पर कोई नहीं था। अचानक किसी अदृश्य शक्ति ने उसकी पीठ के पीछे से थप्पड़ मारा। उसकी ताकत इतनी तेज थी कि वह अपनी बाइक समेत कई मीटर दूर जा गिरा। वह उठा, पीछे की ओर मुड़ा। वहाँ उसे एक सफेद कपड़े वाली महिला दिखाई दी जिसका चेहरा अपने बालों से पूरी तरह ढंका हुआ था। राकेश ने कहा, "आप कौन हैं?"। महिला भूत बिना कुछ कहे गायब हो गई।चोटिल हुआ राकेश बड़ी मुश्किल से अपने घर पहुँचा और अपनी पत्नी को इस बारे में बताया। उस रात उसे बुखार आ गया। बाद में, जब उन्होंने उस स्थान की छानबीन की, तो उन्होंने पाया कि कुछ साल पहले यह स्थल एक कब्रिस्तान था। उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि भूत कब्रिस्तान को नुकसान पहुँचने की वजह से रुष्ट हो गए हैं और अपना क्रोध राहगीरों को परेशान करके वयक्त कर रहे हैं।