प्रबन्ध शब्द का प्रयोग सुव्यवस्थित, सुसंगठित तथा क्रमबद्ध रूप से कार्यों के सम्पन्न होने के लिए किया जाता है। दूसरे शब्दों में, कम्पनियों का संचालन करने वाले व्यक्तियों के संदर्भ में भी इसका प्रयोग करते हैं। इन कम्पनियों के संचालन हेतु व्यवसायिक रूप से प्रशिक्षित प्रबंधकों की आवश्यकता होती है। इन प्रबन्धकों की सफलता उनके प्रबंधकीय ज्ञान सिद्धान्त तथा उसके कुशल एवं सुव्यवस्थित उपयोग पर आधारित होती है।
प्रबंध की संकल्पना
यू तो प्रबंध की संकल्पना उतनी ही प्राचीन होती है जितनी कि मानव सभ्यता। आदि काल से ही मानव समूहों में रहता था और जीवन यापन हेतु कार्यों का बंटवारा भी होता था। जीवन के प्रत्येक स्तर पर प्रबंध की संकल्पना का प्रयोग किया जाता है किन्तु हमें प्रबंध को व्यवसाय की दृष्टि से समझना और विश्लेषित करना है।