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Main sikhaunga — bhool kar dikhao / मैं सिखाऊँगा — भूल कर दिखाओ श्रोताओं को शिष्य में बदलने का रहस्य

Author Name: Dr. Anupam Kurlwal (Acharya) | Format: Paperback | Genre : Educational & Professional | Other Details

क्या शिक्षण का अर्थ केवल अधिक बोलना है, या जीवन को गहराई से छूना?
"मैं सिखाऊँगा – भूल कर दिखाओ" सीखने, नेतृत्व और प्रभाव की पारंपरिक सोच को चुनौती देती है। अनुभव, अनुशासन और करुणा से उपजी यह पुस्तक बताती है कि सच्चे मार्गदर्शक अधिकार से नहीं, बल्कि प्रेम, चरित्र और सजग कर्म से श्रोताओं को आजीवन शिष्य बनाते हैं। शिक्षकों, अभिभावकों, नेताओं और वक्ताओं के लिए यह उद्देश्यपूर्ण शिक्षण, चेतना-जागरण और अमिट प्रभाव की प्रेरक पुकार है।

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डॉ. अनुपम कुरलवाल (आचार्य)

डॉ. अनुपम कुरलवाल (आचार्य) एक शिक्षाविद्, मार्गदर्शक और लेखक हैं, जिन्हें विधि और नेतृत्व के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का शिक्षण अनुभव है। यूजीसी-नेट उत्तीर्ण एवं विधि में पीएच.डी., वे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर IAS, IPS, निदेशक, प्राचार्य, शिक्षक और कॉर्पोरेट प्रमुखों को प्रशिक्षण देते हैं। टोरंटो में 2019 की अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में श्रेष्ठ प्रस्तुति पुरस्कार से सम्मानित, वे विधि और प्रेरणा पर पाठ्यपुस्तकों के लेखक तथा Amazon और Flipkart के बेस्टसेलर लेखक हैं।

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