ऊँट महाशय कई दिनों से सफर कर रहे थे! आखिर ठहरे कबीले वालों के ऊँट! हमेशा अपना बोरिया बिस्तर ऊॅटो और खच्चरों पर लादकर घूमने वाले। इन घुमक्कड़ो का एक जगह तो ठिकाना होता नहीं जहां थोड़ा पानी और खाना और सोने की जगह मिल जाए वही जम जाते है।
इस पुस्तक मे बच्चों के लिए लिखी गई दस कहानियो का गुलदस्ता है। इसमें प्रकृति है, उसका नेचर और वैल्यूज है। बच्चों की सहज जिज्ञासाएं भावनाएँ है। उनको दिखाने का प्रयास है। जंगल ,पशु ,पक्षी, हवा, बादल, चांद, सूरज, सभी से संवाद है, हमारा सभी का जीवन एक दूसरे से जुड़ा हुआ है, यह जुड़ाव सहज रहे तो ही जीवन भी निश्चिंतता से चलता है। बच्चों मे सहजता बहुत जरूरी है, तभी वे बड़े होकर अच्छे इंसान बन सकते है, सभी के प्रति संवेदना ही उन्हें एक अच्छा इंसान बना सकती है।