Share this book with your friends

moortikala kee takaneek aur saamagree / मूर्तिकला की तकनीक और सामग्री

Author Name: Ganesh Kushwah | Format: Paperback | Genre : Educational & Professional | Other Details

यह पुस्तक, मूर्तिकला की तकनीकों पर एक सरल व संक्षिप्त मार्गदर्शिका हैl यह मूर्तिकला के विद्यार्थियों, कला प्रेमियों और साधकों  को मूर्तिकला के क्षेत्र में मदद करने, व छिपे रहस्यों और जटिलताओं को उजागर करने के लिए एक सटीक दिशानिर्देशन का प्रयास है।

इस  के भीतर, आपको तकनिकी और माध्यम के एतिहासिक व वैज्ञानिक परिचय के साथ प्रयोगात्मक पहलुओं को चित्र सहित समझाया गया है l इस में  मिटटी- टेराकोटा, सिरेमिक, लकड़ी, पत्थर, धातु  जैसे माध्यमों के एतिहासिक प्रयोग,सम्बंधित औजार, प्रक्रिया  व सभी संभावनाओं को उदाहरण सहित बताया गया हैl  

यहाँ  पर  मूर्तिकला की तकनीकों, जिनमें मॉडलिंग, नक्काशी(कार्विंग), मोल्डिंग और कास्टिंग के पारंपरिक तरीकों से लेकर संयोजन, स्थापना और डिजिटल मूर्तिकला जैसे अधिक समकालीन दृष्टिकोण शामिल हैं।यहाँ प्रत्येक तकनीक को स्पष्टता और गहराई के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है, जिसमें अंतर्दृष्टिपूर्ण स्पष्टीकरण, व्यावहारिक सुझाव और प्रसिद्ध मूर्तिकारों के कार्यों से प्रेरणादायक उदाहरण शामिल हैं।

यह पुस्तक सिर्फ एक तकनीकी मैनुअल से कहीं अधिक है। यह रचनात्मक भावना का सम्मान है, मूर्तिकला की परिवर्तनकारी शक्ति का उत्सव है। लेखक यह मानता है कि मूर्तिकला केवल सीखने योग्य कौशल नहीं है, बल्कि मानव अनुभव की एक गहन अभिव्यक्ति है – अमूर्त भावनाओं को कथा और प्रतीकवाद के द्वारा आकार देने का एक साधन है।

Read More...

Ratings & Reviews

0 out of 5 (0 ratings) | Write a review
Write your review for this book
Sorry we are currently not available in your region.

गणेश कुशवाह

डॉ. गनेश कुशवाह एक द्रश्य कलाकर, कला समीक्षक, डिजिटल कंटेंट क्रिएटर, और कला शिक्षक हैंl वर्लतमान में ये ललित कला संस्थान डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के मूर्तिकला विभाग में सहायक प्रोफेसर  के रूप में कार्यरत हैं। 

इन्होने ललित कला संकाय एम एस यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा से मूर्तिकला में बी.एफ.ए.(सन २००० में ) और एम.एफ.ए.(सन २००२में ) पूरा किया है। इनके पास मूर्तिकला के क्षेत्र में 18 साल का शिक्षण अनुभव है और साथ ही 3डी डिजाइन प्रोडक्शन हाउस के साथ दो साल का औद्योगिक अनुभव भी है। उन्होंने कला और डिज़ाइन विषयों के लिए कई ललित कला संस्थानों और एनीमेशन कॉलेजों में पढ़ाया है। उन्होंने 3डी सॉफ्टवेयर और 3डी प्रिंटर के क्षेत्र में काम किया है। इनका Art Instinct नाम से You Tube चैनल है जिसके तहत ये अपने  कला संवाद व कला अभ्यास को कला प्रेमियों के साथ साझा करते हैंl  

2002 में  गणेश कुशवाह एम.एस. विश्वविद्यालय बड़ौदा से स्नातकोत्तर उत्तीर्ण करने के तुरंत बाद ललित कला संस्थान, आगरा में अतिथि प्रवक्ता के रूप में शामिल हुए। चूँकि वे आगरा के ही रहने वाले थे इसलिए वे अगले चार वर्षों तक यहीं रहे और छात्रों के साथ मूर्तिकला अभ्यास का प्रयोग किया। कलाकारों, छात्रों और आगरा की जानी-मानी हस्तियों जैसे फिल्म-स्टार राज बाबर, जो उस समय आगरा से वर्तमान सांसद (संसद सदस्य) थे, संस्कार भारती के राष्ट्रीय संरक्षक बाबा योगेन्द्र नाथ और अन्य वरिष्ठ कलाकारों के कई सजीव पोर्ट्रेटमूर्ति बनाई। अपनी रचनात्मक साधना के साथ चार वर्षों के भीतर इनके दो छात्रों को राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पुरस्कार प्राप्त हुई और मूर्तिकला प्रदर्शनियों में कई भागीदारी हुई ।

2013 में फिर वह वापस आगरा लौट आए और एल.के.एस. में  शिक्षक के रूप शामिल हो गए।  इस अंतराल के दौरान उन्होंने दिल्ली में कुछ संस्थानों के साथ काम किया और केशव मलिक, महेंद्र पंड्या, दीपक कन्नाल आदि जैसी प्रसिद्ध हस्तियों की पोर्ट्रेट मूर्ति बनायीं व  कई महत्वपूर्ण प्रदर्शनियाँ मैं भाग लिया।

कई समूह प्रदर्शनियों के अलावा, प्रगति मैदान नई दिल्ली में यूनाइटेड आर्ट फेयर 2013, जयपुर कला सम्मेलन 2013 और 2014 जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण कला कार्यक्रमों में भागीदारी कीl सन 2000 मैं इन्हें युवा कलाकारों की  राष्ट्रीय छात्रवृत्ति मिली, व 2022 मैं सी.सी.आर.टी. नई दिल्ली द्वारा जूनियर फैलोशिप प्राप्त हुई है।  कई राष्ट्रीय लेबल के कैप और संगोष्ठियों में भाग लिया। हाल ही2023 में उन्होंने स्क्रैप मूर्तियों से शहर को सुंदर बनाने के लिए नगर निगम आगरा के साथ दो जी20 स्क्रैप मूर्तिकला कार्यशालाओं मैं मुख्य कलाकार की भूमिका निभायी है l 2024 मैं  इन्होंने राजा मनसिंह तोमर विश्वविद्यालय, ग्वालियर  से PhD की उपडी प्राप्त कीl

<
Read More...

Achievements