इस किताब में देशभक्त और क्रांति वीर के बारे में बताया गया है कैसे वो अपने देश के लिए क़ुरबान हो गए इस किताब को लिखने के दौरान कोई भी धर्म और कोई भी जाती एवम समाज, अभिभावक को नुकसान नहीं पहुंचा या गया है और इस किताब को लिखा है श्री विवेक कुमार पांडे शंभुनाथ जी ने.।