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Sarkar Ko Patr / सरकार को पत्र वे सुधार जो अब और प्रतीक्षा नहीं कर सकते / Ve Sudhar jo ab aur Pratiksha nahin kar sakte

Author Name: Pratik Singh | Format: Paperback | Genre : History & Politics | Other Details

सरकार को पत्र : वे सुधार जो अब और प्रतीक्षा नहीं कर सकते
एक जागरूक नागरिक द्वारा लिखे गए पत्रों का संकलन है, जिसमें शासन और प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक एवं संरचित सुझाव प्रस्तुत किए गए हैं। यह पुस्तक प्रशासनिक प्रक्रियाओं, पुलिस व्यवस्था, भूमि एवं संपत्ति, नगरपालिकाओं, विकास प्राधिकरणों और न्याय प्रणाली जैसे क्षेत्रों में सुधार की संभावनाओं पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य आलोचना नहीं, बल्कि संवाद और प्रणालीगत सुधार को प्रोत्साहित करना है। पुस्तक का प्रारूप पाठकों को नागरिक सहभागिता हेतु प्रेरित करता है और सुधार संबंधी विषयों पर संतुलित दृष्टिकोण प्रदान करता है।

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प्रतीक सिंह

लेखक प्रतीक सिंह का जन्म 1975 में उत्तर प्रदेश के बरेली में हुआ था। लेखक एक विचारक और समस्या-समाधानकर्ता हैं, जो एक अच्छे अभियंता की तरह समस्याओं को उनके मूल कारण तक समझने और व्यावहारिक समाधान खोजने में विश्वास रखते हैं। वे अमेरिका और सिंगापुर में रह चुके हैं। भारत के प्रति गहरे लगाव के कारण उन्होंने विदेश में स्थायी रूप से बसने के बजाय भारत लौटने का निर्णय लिया। उनका मानना है कि भारत को अब तक एक विकसित देश बन जाना चाहिए था, किंतु वर्तमान बाधाएँ तथा प्रतिबंधात्मक और प्रतिगामी नीतियाँ इसकी प्रगति को सीमित कर रही हैं। आवश्यक सुधार लागू होने पर भारत की विकास यात्रा को कोई नहीं रोक सकता।

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