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Tarot Card - Cards Hamare Bhavishya Aapka / टैरो कार्ड - कार्ड हमारे - भविष्य आपका Tarot Card Evam Jyotish Par Adharit Saral Evam Sateek Bhavishya Bataane Vaali Hindi Ki Ekmatra Pustak

Author Name: Dhirendra Ritoria | Format: Hardcover | Genre : BODY, MIND & SPIRIT | Other Details

भविष्य जॉनने की कई विधाये हमारे भारत देश में ही नहीं  विदेशों में भी मौजूद है।उनमें से कुंडली के द्वारा ,अंकों के द्वारा , हस्त रेखाओं के द्वारा , मस्तिष्क की रेखाओं के द्वारा ,नाखूनों के द्वारा यह ऐसी विद्याऐं है जो अधिक प्रचलित है। परन्तु अब कुछ वर्षो पूर्व एक नई विद्या ने जन्म ले लिया है। यह विद्या है तो बहुत प्राचीन , लेकिन कम प्रचलित होने के कारण अधिक लोगो के सामने नहीं आ पाई है। अभी कुछ 15 - 20 वर्षों से यह विद्या बहुत अधिक प्रचलित हो गई हैं ,और इस विद्या का नाम है - "  टैरो कार्ड "।

इसमें 78 प्रकार के टैरो कार्ड्स होते है। जिनमे अंक ,चिन्ह ,आकृति ,नदी ,पेड़ ,आसमान ,तलवारे ,पैसे ,कप्स ,वेंड्स  जैसी तस्वीरें बनी होती है। जिनके आधार पर हम सामने वाले व्यक्ति के भविष्य का आंकलन करते है। जिसके १००% परिणाम सही होते है। यह भारत की पहली ऐसी हिंदी पुस्तक है । जिसमे मैंने टैरो कार्ड्स और ज्योतिष को एक किया  है। और इन दोनों के आधार पर भविष्य का आंकलन कैसे किया जाए ,सटीक भविष्यवाणी कैसे की जाए , यह बहुत ही सरल तरीके से बताया गया हैं।  इस पुस्तक की भाषा एवं भविष्य देखने का तरीका आप सभी को आसानी से समझ मैं आ जाए , इसीलिए इस पुस्तक को बहुत ही सरल एवं आसान भाषा में लिखा गया हैं।

" हम आप सभी के उज्जवल भविष्य की कामना करते है "

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धीरेन्द्र रीतोरिया

मेरा जन्म भिंड मुरैना के पास में एक छोटे से गांव अम्बाह मे वर्ष 1968  में हुआ हैं। मेरे या मेरे परिवार के किसी भी सदस्य का झुकाव ज्योतिष या इसी प्रकार की किसी भी विद्या से नहीं हैं। लेकिन मुझे प्रारम्भ से ही ज्योतिष , तंत्र -मन्त्र ,सम्मोहन जैसी विद्या से लगाव रहा हैं। में इसी प्रकार की पुस्तके पढ़ता रहा हूँ। लेकिन कभी समझ ही नहीं पाया कि मुझे इस प्रकार कि पुस्तके पढ़ने का शौक क्यों हैं। लेकिन आज वर्ष 2024 से 15 वर्ष पूर्व मुझे समझ में आ गया कि मेरा जन्म इस पृथ्वी पर क्यों हुआ हैं। शायद जीवन में कुछ और ही अच्छा करना लिखा था।

वर्ष 1992  में ,मुझे अवसर मिला एक NGO मैं कार्य करने का। वहां बेरोजगार नौजवानों को रोजगार से सम्बंधित क्षेत्रो में प्रशिक्षण देकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होना सिखाया। NGO  में  कार्य करते करते ही मैंने वहां पर 18  वर्ष की कन्याओं से लेकर 60 वर्ष की महिलाओं को अपना स्वयं का रोजगार प्रारम्भ करने के लिए अलग अलग विद्याओं में प्रशिक्षण दिया।

साथ ही साथ मैंने अपना स्वयं का प्रशिक्षण केंद्र प्रारम्भ कर बेरोजगार नौजवानों को मोबाइल रिपेयरिंग ,फ्रिज ,एयर कंडीशनर , वाशिंग मशीन ,लाइट फिटिंग ,टेलीविजन ,कंप्यूटर हार्डवेयर ,सॉफ्टवेयर ,मोटर रिपेयरिंग जैसे क्षेत्रो में प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार दिलवाया।

यही नहीं  मैंने बाल सुधार गृह ( बच्चो कि जेल ) में जाकर भी बाल अपराधियों को रोजगार से सम्बंधित क्षेत्रो में प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार दिलवाया। जिससे कि वे आपराधिक गतिविधियों से दूर रहे और समाज में एक अच्छा कार्य करके अपना एवं अपने परिवार का पालन -पोषण अच्छे से करे एवं अपने माता -पिता का नाम रोशन कर सके।

आज धीरेन्द्र रीतोरिया ( गुरु जी ) एक जाना पहचाना नाम हैं। सभी लोग मुझे मेरे नाम एवं मेरे कार्यों से जानते हैं। आज पूरी दुनिया के लोग फिर चाहे वो राजनीतिज्ञ हो ,मोटिवेशनल स्पीकर हो ,बिजनेसमैन हो ,या फिल्म स्टार, सभी सलाह लेने के लिए संपर्क करते हैं।

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