तेनालीराम की जीवनी विजयनगर नगर से ही शुरू होती है। जहां वह महाराज कृष्णदेव राय के सबसे प्रिय मंत्री हुआ करते थे। वह उन्हें हर उलझन से निकालने में मदद करते थे। तेनालीराम के किस्से तब भी प्रसिद्ध थे और आज भी हैं।बच्चों के मानसिक विकास के लिए तेनाली राम की कहानियों को हमेशा अच्छा जरिया माना गया है। राज्य पर किसी तरह की आपत्ति आने पर महाराज तेनाली राम से ही सलाह लिया करते थे। यही नहीं तेनाली राम से जुड़े ऐसे कई चुटीले किस्से हैं, जो न सिर्फ हर किसी को गुदगुदाते हैं, बल्कि हंसी-हंसी में एक सीख भी दे जाते हैं। कहानियों के इस वर्ग में आपको तेनाली राम से जुड़े कई मजेदार किस्से पढ़ने को मिलेंगे, जो प्रमाण हैं इस बात का कि चुतराई और बौद्धिक कौशल के जरिए किसी भी समस्या का समाधान निकाला जा सकता है। और इसे वापस से विवेक कुमार पाण्डेय जी ने इसका रचना किया है.।