सत्ता, धन और छल की चमकदार दुनिया के पीछे छिपा एक भयावह सत्य—"दुष्ट दानव का जनजाल" उसी अंधेरे की परतें खोलती है। यह पुस्तक जेफरी एडवर्ड एपस्टीन के जीवन, उसके प्रभावशाली संबंधों और उस जाल का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करती है, जिसमें समाज के अनेक वर्ग उलझते चले गए। तथ्यों, दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर रचित यह कृति पाठकों को केवल घटनाओं से नहीं, बल्कि उस मानसिकता से भी परिचित कराती है जो शक्ति और लालच के सम्मोहन में नैतिकता को विस्मृत कर देती है। यह पुस्तक प्रश्न उठाती है—क्या चमक-दमक के पीछे छिपे अंधकार को पहचान पाना संभव है? "दुष्ट दानव का जनजाल" एक चेतावनी भी है और एक जागृति भी—कि सत्य चाहे कितना ही जटिल क्यों न हो, उसे जानना और समझना समाज के लिए अनिवार्य है।