यह कहानी एक ऐसे नॉवेल के बारे में है, जिसने भरतपुर में तबाही मचा रखी थी. कितने ही लोगो की जान इस नॉवेल ने ले ली थी. जब इंस्पेक्टर शेर सिंह भी इस केस को नही सुलझा पाया तो उसने अंततः डिटेक्टीव सोमदत्त को इस केस के लिए बुलाया. पर सोमदत्त भी इस केस को सोल्व करते हुये एक ऐसे चक्रव्यूह में फस गया, जो आने वाली एक बड़ी मुसीबत का सबब बनने वाला था.