प्रस्तुत है महाराष्ट्र के पांच संत श्री ज्ञानेश्वर, श्री निवृत्तिनाथ, श्री नामदेव, श्री एकनाथ व श्री तुकाराम के हरिपाठ l श्री समर्थ स्वामी रामदासजी के करुनाष्टक भी इसमें सम्मिलित है l इस हरिपाठ के बाद 'सब भगवान् ही है' नाम से लेख व कुछ 'अद्भुत साधकोंकी अद्भुत कथाएँ' भी प्रस्तुत की गयी है l आशा है की सभी भगवद्प्रेमी साधकोंके लीये यह पुस्तक उपयोगी सिद्ध होगी l