Poetry

"जल को ना मिटाओ"
By Manish Kumar in Poetry | Reads: 140 | Likes: 0
"जल को ना मिटाओ" वाह रे इनसान तूने मुझे भी बेच ड़ाला ! वाह रे इनसान तूने मुझे भी बेच ड़ाला ! पवित्र जल को भी दूषित कर ड़ाला,   Read More...
Published on Mar 23,2020 06:43 AM
‘क़ाश’
By IamPiyush in Poetry | Reads: 159 | Likes: 0
क़ाश  वो शाम होती, क़ाश वो ज़ाम होती मुस्कान मापने को सरेआम क़ाश  वो सुबह, क़ाश वो शाम होती; हृदय की लकीरों से, लहू   Read More...
Published on Mar 23,2020 07:51 AM
ज़िन्दगी के पत्थर, कंकड़ और रेत
By MR VIVEK KUMAR PANDEY in Poetry | Reads: 175 | Likes: 1
ज़िन्दगी के पत्थर, कंकड़ और रेत Philosophy के एक professor ने कुछ चीजों के साथ class में प्रवेश किया. जब class शुरू हुई तो उन्होंने एक बड़  Read More...
Published on Mar 23,2020 07:56 AM
தாய் (Mother)
By Ahamed Hamza in Poetry | Reads: 572 | Likes: 1
தாய் தாய் தூங்கி நான் அறியேன் தரணியில் நீ வாழும் வரை அதிகாலை நான் எழுந்தால் அதற்கு முன்பே விழித்திடுவாய்நான் அ  Read More...
Published on Mar 23,2020 07:59 AM
समंदर कि लहरों से
By MR VIVEK KUMAR PANDEY in Poetry | Reads: 190 | Likes: 1
"समंदर कि लहरों से और ठंडी-ठंडी ये हवाओं से कुछ पा लिया है,  सब कुछ खोने के बावजूद मैंने ममता कि चरणों में अपना शीश प  Read More...
Published on Mar 23,2020 07:59 AM
I can fly
By Saranya Krishnan M in Poetry | Reads: 156 | Likes: 0
The waves of murk Veiled the hues of her dreams, Dreams that still lurk Beneath the shadowy eye reams   Tired of the long tarry Trawling for a chance, To elude the knarry To elude the trance   Then befell the flash of hope Divulging her eye’s elegancy, Sparkles came to unfurl the ro  Read More...
Published on Mar 23,2020 08:00 AM
Ruh Sa Nikli Aawaaz♥️
By Shashwat Kumar Singh in Poetry | Reads: 174 | Likes: 1
बड़ी ही दिलचस्प होती है ये सत्रह-अठरह की लड़कियाँ वक्त-सुब्हदम सी होती है ये सत्रह-अठरह की लड़कियाँ धूप से शिकायातें ह  Read More...
Published on Mar 23,2020 08:00 AM
நான் (I am)
By Ahamed Hamza in Poetry | Reads: 399 | Likes: 0
என் எண்ணத்தில் தோன்றியதோ ஏராளம் அதில் எழுத்தில் வடிக்காதவை தாராளம் ஈற்றில் அச்சேறியது ஏதோ ஒன்றுஎதுகை மோனை இல  Read More...
Published on Mar 23,2020 08:01 AM
How the josh
By MR VIVEK KUMAR PANDEY in Poetry | Reads: 137 | Likes: 1
 " जीत कर उनको दिखाओ जो तुम्हारे हार ने का इंतजार कर रहे हैं ." By Vivek Kumar Pandey  Read More...
Published on Mar 23,2020 08:02 AM
Shayari
By MR VIVEK KUMAR PANDEY in Poetry | Reads: 174 | Likes: 1
 "डर मुझे भी लगा फासला देख कर,  पर मैं बढता गया रास्ता देख कर,   खुद-ब-खुद मेरे नजदीक आती गई,   मेरी मंजिल मेरा   Read More...
Published on Mar 23,2020 08:05 AM
वक़्त से लड़कर
By MR VIVEK KUMAR PANDEY in Poetry | Reads: 164 | Likes: 1
"वक़्त से लड़कर जो नसीब बदल दे इन्सान वहीं जो अपनी तकदीर बदल दे , कल क्या होगा कभी मत सोचो , क्या पता कल वक़्त खुद अपनी   Read More...
Published on Mar 23,2020 08:07 AM
उम्मीदों की कश्ती
By MR VIVEK KUMAR PANDEY in Poetry | Reads: 156 | Likes: 1
"उम्मीदों की कश्ती को डुबोया नहीं करते, मंजिल दूर हो तो थक कर रोया नहीं करते, रखते हैं जो  दिल में उम्मीद कुछ पाने की  Read More...
Published on Mar 23,2020 08:08 AM
मां का प्यार
By MR VIVEK KUMAR PANDEY in Poetry | Reads: 142 | Likes: 1
"रुके तो चांद जैसी चले तो हवाओ जैसी वो मां ही है जो धुप मे भी छाव जैसी." Love your mom & Take care of mom  Read More...
Published on Mar 23,2020 08:10 AM
जरा कोशिश तो कर
By MR VIVEK KUMAR PANDEY in Poetry | Reads: 181 | Likes: 1
जरा कोशिश तो कर " संगीत सुन कर ज्ञान नहीं मिलता ,  मंदिर जाकर भगवान नहीं मिलता, पत्थर तो इसलिए पूजते है लोग, क्योंकि   Read More...
Published on Mar 23,2020 08:13 AM
है मैरे दोस्तों
By MR VIVEK KUMAR PANDEY in Poetry | Reads: 163 | Likes: 1
"अब ना में हुं ना बाकी है ज़माने मेरे , फिर भी मसहुर है शहरों में फंसाने मेरे, जिन्दगी है तो नये जख्म भी लग जायेंगे, अब   Read More...
Published on Mar 23,2020 08:14 AM