Hindi

घर और मां
By Dr. Surbhi Pareek in Poetry | Reads: 285 | Likes: 2
घर और मां घर का आंगन मुझे, इस तरह भी कभी याद आता है, मैं धूप में जब भी जाता हूं, आंगन की छांव का जिक्र ज़हन में आता है.. ज  Read More...
Published on May 10,2020 07:21 PM
खुद मैं
By Mansi Gupta in Poetry | Reads: 105 | Likes: 0
जब खुद से ही खुद की बात करने बेठा उस दिन मैं, तो पता चला कि मैं खुद ही खुद को कहीं पीछे बहोत पहले ही छोड़ आया था। ये जो म  Read More...
Published on May 10,2020 09:05 PM
वक़्त
By Mansi Brahmbhatt in Poetry | Reads: 99 | Likes: 1
जैसे जैसे वक़्त बड़ता गया, मुझे मेरी सारी खूबियां और खामियां मिली। वक़्त ने पहले चलना सिखाया, फिर बोलना सिखाया, सबर  Read More...
Published on May 10,2020 09:48 PM
एक ख़्वाब
By suresh choudhary in Romance | Reads: 132 | Likes: 1
एक ख्वाब जिससे में मिला था। हुआ कुछ यूं था कि हम एक ही कॉलेज में पढ़ते थे, वो मेरी जूनियर हुआ करती थी और में सीनियर था।   Read More...
Published on May 10,2020 10:24 PM
Khwab
By Disha chaudhari in True Story | Reads: 166 | Likes: 1
Khwab! Do dost hote hai ek ka naam hota hai 'Din' aur dusre Ka hota hai 'Raat' aur Inn dono ko apne apne naam ke mutabik uss waqt par sapne ate the! Bas ek he farak tha ki, ek ki ankhe khuli reheti thi aur ek ki band. Din aur Raat Mai roz baten Hoti thi toh ese Mai Raat din se keheta hai ki, kitne a  Read More...
Published on May 16,2020 04:05 PM
एकांत रहना चाहता है मन
By Ashutosh Kumar in General Literary | Reads: 84 | Likes: 0
एकांत रहना चाहता है मन, सभी चिंताओ से, पीड़ा से, चाहतो से थोड़ा दूर कहीं जहा अगर हवा का झोका भी गुजरे तो उसकी आवाज मेर  Read More...
Published on May 11,2020 12:49 AM
कुछ देर इंतजार
By Shweta Chawat in Poetry | Reads: 400 | Likes: 12
कुछ देर इंतजार तो करो बहुत भागते हो थोड़ा रुक कर इत्मिनान तो करो कि तुम्हें लिखने का शौक था उन अधुरी कहानियों को पूर  Read More...
Published on May 11,2020 09:27 AM
ब्लैक फ्राइडे
By Anuj Upadhyay in True Story | Reads: 131 | Likes: 4
ब्लैक फ्राइडे बारिश कुछ ज्यादा ही तेज़ हो रही है आज।जब सुबह उठा तो सबसे पहले देखने लायक चीज़ यही थी।आज ही दूसरे के घर   Read More...
Published on May 11,2020 10:53 AM
आधा रास्ता
By Anuj Upadhyay in True Story | Reads: 156 | Likes: 3
आधा रास्ता वो रात बहुत अंधेरी थी जबकि चाँद अपने पूरे नूर में था।ऐसा लग रहा था मानो इसका प्रकाश ऊपर ही ऊपर मात्र दिख   Read More...
Published on May 11,2020 11:05 AM
लोकडाउन के दौरान जीवन
By Shakti kumar in Poetry | Reads: 89 | Likes: 1
चार दिन हुए गरीबों के घरों में चूल्हा जले, वह लोग बेचारे भूख से बहुत परेशान है। सारा सारा दिन घरों में दुबक कर बैठे ह  Read More...
Published on May 11,2020 12:07 PM
MAA
By Swasti Mishra in Poetry | Reads: 89 | Likes: 0
नहीं हुई हूँ इतनी काबिल तुझ पर जो लिख पाऊ माँ,  जो खुद में ही वर्णमाला हो उसे कैसे&nbs  Read More...
Published on May 11,2020 01:15 PM
तू उदास होकर कभी न सोएगा
By Ankita Sanghvi in Poetry | Reads: 97 | Likes: 1
बेमतलब थी जिंदगी, तेरे आने से पहले, अब हर दुआ में तेरा नाम लेती हूं! तू जो कभी ग़म में खो जाए, अपने दिल की रौशनी तुझे दे  Read More...
Published on May 11,2020 04:13 PM
मेरे भारत का दृश्य बदल रहा
By Dileep choudhary in Poetry | Reads: 86 | Likes: 0
मेरे भारत का दृश्य बदल रहा भारत का कोना कोना बदल रहा। इंसानों से ज्यादा जानवरों को आनंद मिल रहा। पिज़्ज़ा , बर्गर छो  Read More...
Published on May 11,2020 04:31 PM
लूडो ने सीखा दिया।
By Dileep choudhary in True Story | Reads: 86 | Likes: 0
लूडो ने मुझे एक बात तो सीखा दी कि कोई जरूरी नहीं कि अगर हम सामने वाले की गोटी नहीं मरेंगे तो वो भी नहीं मरेगा। वैसे ही  Read More...
Published on May 11,2020 04:35 PM
मा को अनपढ़ कहने वालो
By Dileep choudhary in Poetry | Reads: 76 | Likes: 0
।मा को अनपढ़ कहने वालो।तुम कहते हो की मेरी मा अनपढ़ हैं।अरे !तुमने कभी सोचा है कि यही अनपढ़ मा बचपन में जब तुम्हे भु  Read More...
Published on May 11,2020 04:36 PM