सामान्यत: शारीरिक, मानसिक और आत्मिक, तीन तरह के सुख होते हैं । शारीरिक सुख की तृप्ति के बाद मानसिक सुख और फिर आत्मिक सुख की तृप्ति की आवश्यकता होती है। आत्मिक सुख को प्राप्त करने क
सामान्यत: शारीरिक, मानसिक और आत्मिक, तीन तरह के सुख होते हैं । शारीरिक सुख की तृप्ति के बाद मानसिक सुख और फिर आत्मिक सुख की तृप्ति की आवश्यकता होती है। आत्मिक सुख को प्राप्त करने क
'Stings of the exodus' is the sequel of the novel, 'ECHOES OF THE GETAWAY'. This novel is an English translation of the Hindi novel titled ' PRATISHRUTI', written by famous Hindi novelist Ravindra Prabhat. The narrative moves from Kashmir to foreign lands, where macro problems of migrants and refugees are portrayed in a powerful way.
‘STINGS OF THE EXODUS' focuses on the global refugee problem, which has today become a great challenge and curse f
शरणार्थी समस्या किसी देश लिए आबादी आक्रमण के समान है, जिसमें लोग हथियारों के बजाय आंसू लेकर आते है। आज भारत समेत पूरा विश्व शरणार्थी संकट से जूझ रहा है, इस कड़ी में सीरिया, बांग्
डॉ0 मिथिलेश दीक्षित आस्थावादी विचारधारा और मानवीय मूल्यों की प्रबल पक्षधर मानवतावादी रचनाकार हैं। उन्होने हाइकु–गीत और हाइकु–मुक्तकों में अपनी संवेदनाओं की प्रभावशाली अ
इस पुरुष प्रधान समाज में राम की सर्वत्र चर्चा होती है, सीता की क्यों नहीं? आज का प्रगतिशील समाज राम को इसलिए दोष देता है कि उन्होंने गर्भवती सीता का परित्याग किया, उसे वन में निर
बाज़ार में स्टॉक मार्केट से संबंधित विभिन्न प्रकार की पुस्तके हैं, किन्तु ऐसी पुस्तकों की संख्या कम है जो शेयर बाज़ार के बारे मे मूलभूत जानकारी देती हो या शेयर बाज़ार मे निवेश या ट्
The Popular Hindi novel “Kashmir 370 Km”. Written by famous Indian novelist Ravindra Prabhat & Translated in English by Gautam Roy, which tells the story of Kashmir's social fabric collapsing over time. It also explores the shameful and frightening historical aspects of Kashmir. Tale of elopement of a Kashmiri pundit family from Kashmir and with this entwined the sub plots of deterioration and disintegration of social fabric of Kashmiri
आज के दौर में बेहद ताकतवर माध्यम है सामाजिक मीडिया। एक ऐसा वर्चुअल वर्ल्ड, एक ऐसा विशाल नेटवर्क, जो इंटरनेट के माध्यम से आपको सारे संसार से जोड़े रखने में समर्थ है। द्रुत गति से सूच
हर व्यक्ति जीवन में पद, प्रतिष्ठा, प्रशंसा, पैसा और प्रसिद्धि प्राप्त करना चाहता है और यह उसके जीवन की बड़ी अभिलाषा होती है। दायित्व बोध व लोक व्यवहार पुस्तक के रूप में ऐसा अव्यवसा
यह मशहूर भारतीय उपन्यासकार रवीन्द्र प्रभात का पाँचवाँ उपन्यास है, जो कश्मीर के सामाजिक तानेबाने को समय के साथ ध्वस्त होने की कहानी बयान करता है। साथ ही कश्मीर के शर्मनाक और दहश