बिहार के भोजपुर जिला बिहिया की महथिन माई की सच्ची सती कथा का यह ऐतिहासिक उपन्यास है महथिन की डोली! महथिन दो हजार वर्ष पहले अपने तपोबल से अग्नि प्रकट कर सती हो गई और उनके एक श्र
नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’ की सभी लघुकथाओं में समाज के लिए कुछ न कुछ संदेश है। सहज, सरल भाषा में लिखी कथाएं पठनीय हैं और शिक्षाप्रद भी। नीता जिंदा है लघुकथा एक मार्मिक व संदेशपर
सुश्री नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’ एक सिद्धहस्त रचनाकार हैं। इन्हें बाल-मन की अच्छी परख है। बड़ों के लिए लिखी गई कहानियों की भांति ही इनकी बाल कहानियाँ भी बहुत सार्थक एवं उद्देश्