হিন্দি

चिड़िया की परेशानी
By Prakash Vishnoi in Poetry | পড়ার জন্য : 177 | পছন্দ: 1
एक चिड़िया थी वह बहुत उच उड़ती , इधर उधर चहचहाती रहती | कभी इस टहनी पर कभी उस टहनी पर फुदकती रहती |पर उस चिड़िया की एक आदत थ  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 30,2020 07:14 PM
Usse aacha lagta hai..
By Vikas Mane in Poetry | পড়ার জন্য : 113 | পছন্দ: 0
Mere bichde pyaar ke naye haqdaar, tum sunn lo..  Usse aacha lagta hai..  Usse aacha lagta jab koi uske khuli zulfon ki tareef karen, woh jo bikhre toh apni ungliyon se unhe saware aur jab woh inn resham ke dhaagon ko samet ke  bandh le, toh unhe fir aazad karne ki zidd karna tum&hell  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 30,2020 09:06 PM
यादों का मौसम
By Kanchan Advaita in Poetry | পড়ার জন্য : 130 | পছন্দ: 0
यादों का मौसम   देखो, तुम्हारी यादों का मौसम हर दिन मेरी जिंदगी में किस तरह उतरता है। हर सुबह धुंधलाई सी है, उनींदी   বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 31,2020 12:34 AM
21 दिन की ताला बंदी
By Rashi in Poetry | পড়ার জন্য : 183 | পছন্দ: 3
एक शाम अचानक मिली खबर कि अब पूरे देेेश मे 21 दिन तक रहेगी ताला बंंदी... सारे संसार मे छाई एक महामारी थी जो अब भारत मे अपन  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 31,2020 12:36 AM
पुल और सीढ़ी
By Kanchan Advaita in Poetry | পড়ার জন্য : 94 | পছন্দ: 0
पुल और सीढ़ी   नीरव, तुम्हें लौटना ही होगा आ जाना गीली रेत पर मेरे पैरों के निशान ढूंढ़ते हुए उसी नदी पर एक जर्जर पुल ह  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 31,2020 12:56 AM
क्या तुम प्रेम में हो
By Kanchan Advaita in Poetry | পড়ার জন্য : 98 | পছন্দ: 0
क्या, तुम प्रेम में हो....?   फ़रवरी की दस्तक और हवाओं में उड़ता  एक ही सवाल क्या, तुम प्रेम में हो....?   बसंती ब्यार, पील  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 31,2020 01:02 AM
वो एक तबस्सुम
By Sankalp Sharma in Poetry | পড়ার জন্য : 133 | পছন্দ: 0
वो एक तबस्सुम थी तुम्हारी और वो एक दिल था मेराl वो एक दिल था तुम्हारा और वो एक साँसे थी मेरीl वो एक साँसे थी तुम्हारी  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 31,2020 01:59 AM
अमृतसर का दुर्ग्याणा मंदिर
By in Travel | পড়ার জন্য : 140 | পছন্দ: 0
             *अमृतसर का  दुर्ग्याणा मंदिर* आप जब समूह मे यात्रा करते है तो जहा कुछ फायदे होते है वही एक संवे  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 31,2020 08:11 AM
राम जन्मभूमि पर हुए निर्णय का अवलोकन
By in General Literary | পড়ার জন্য : 232 | পছন্দ: 0
       *राम जन्मभूमि पर हुए  निर्णय का अवलोकन * माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि वि  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 31,2020 08:21 AM
मुस्लिम मित्र को लिखे गये अपने निजी पत्र के अंश
By in True Story | পড়ার জন্য : 242 | পছন্দ: 0
  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 31,2020 08:57 AM
Corona
By Shreshtha Rastogi in Poetry | পড়ার জন্য : 148 | পছন্দ: 1
  कोरोना आज फिर अपने वतन की याद सतायी जब मौत कोरोना बनकर सर के ऊपर मंडराई !!! जो देश छोड़ के गए थे विदेश् उनको भी याद आय  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 31,2020 11:25 AM
मजबूर मजदूर - कोरोना, भूख व पलायन
By Dr Jagdish Prasad in War Story | পড়ার জন্য : 149 | পছন্দ: 0
प्रलय तुल्य कोरोना वायरस ने चीन, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी , इटली, स्पेन, ईरान, जापान जैसे अनेक विकसित देशोको घुटने पर   বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 31,2020 12:31 PM
दुन्नल
By Navneet Kamal in Poetry | পড়ার জন্য : 216 | পছন্দ: 7
(COVID-19 महामारी के चलते संपूर्ण भारत में lockdown लगने से काम छिनने पर भूख से बेहाल मजदूर लोगों की व्यथा जताता हुआ एक खाने का   বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 31,2020 01:43 PM
Tum
By Nikhil in Poetry | পড়ার জন্য : 113 | পছন্দ: 0
Sirf mahina beeta h abhi.., Magr lag rha h ki beet gye h saal kaafi... Tumhari ek muskaan paane k lie milo door se aata hu..., Aur ek paane k baad agli ko taras jaata hu... Tumhe dekh yeh raina bhi naino m baithe reh jaate h...., Aur chehre pr ek lambi si muskaan aa jaati h... Haal dil ka m kya kru   বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 31,2020 01:43 PM
आखिर बात क्या है ?
By sachin paliwal in Poetry | পড়ার জন্য : 122 | পছন্দ: 1
क्या लिखूं , क्या सुनाऊं, अपना दर्द मै किसे बताऊं  कुछ सपने थे मेरे वो सपने टूट गए, समझा था जिन्हें अपना वो अपने रूठ   বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 31,2020 02:05 PM