Nature
By Shubhra in Poetry | পড়ার জন্য : 1,353 | পছন্দ: 3
Nature is beauty, Beauty is nature, nature is life Nature is so beautiful It makes my bucket full bestowing gifts plentiful Just a dip in water, makes me purer Just a gush of wind, fades my anger Just a ray of sunshine, makes me stronger Just a drop of rain, holds my smile longer Yes that beautiful  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে May 10,2020 10:21 PM
Save the Earth-Ship Casablanca
By Pinky Ashku in Sci-fi | পড়ার জন্য : 1,349 | পছন্দ: 0
On 24th Dec,2030 clock struck 7 in the morning and ship Casablanca was to start its voyage, en route from Italy to California. People were excited as it was going to be a fun filled trip. This trip was specially arranged for New Year’s Eve. It was a journey of 800 passengers. Casablanca was a   বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 22,2020 07:51 PM
माँ
By Maverick in Poetry | পড়ার জন্য : 1,348 | পছন্দ: 0
तेरी गलियों में बीता है बचपन मेरा मुझे बहुत याद आता है वो बचपन मेरा  याद है मुझको जब मैं इस दुनियां में आई, माँ तेरी   বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে May 3,2020 09:18 PM
बताना जरूर
By pankaj in Poetry | পড়ার জন্য : 1,347 | পছন্দ: 0
सुनो अब जो मिलेगा का उसको मेरे बारे में बताओगे क्या  बताओगे की कैसे कोई सब कुछ हार के मेरे लिए था अपना सब कुछ भूलकर   বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে May 4,2020 10:09 AM
हमदर्द
By ankita srivastava in Poetry | পড়ার জন্য : 1,346 | পছন্দ: 0
कहते थे हमदर्द हूँ और दर्द क्या गजब दिया  ताउम्र का ये साथ था  तुम ने ही तो था कहा तो छोड़ के यू बीच   तुम गए क्यू   বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে May 10,2020 05:55 PM
मेरी मानो तो यह आराम कर रही।
By Chanchal Palsania in Poetry | পড়ার জন্য : 1,345 | পছন্দ: 0
मेरी मानो तो यह सड़के आराम कर रही। अवकाश के कुछ पल अपने नाम कर रही। नई-नई गर्मी छुट्टी का आरंभ कर रही। पीपल,नीम,और आम   বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Apr 12,2020 05:34 PM
My father is a soldier
By Soumi Mukherjee in True Story | পড়ার জন্য : 1,345 | পছন্দ: 58
We sleep silent, breathe alive                                               বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Jun 20,2020 10:31 PM
तुम्हारी यादें
By Shivam Agrahari in Poetry | পড়ার জন্য : 1,342 | পছন্দ: 0
उस पल के बारे में न पूछो मुझसे, मै क्या-क्या न कर जाता था। तुम्हारी यादें आती थी, और मैं जीते जी मर जाता था। कभी तुम्ह  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Apr 24,2020 02:27 AM
The Oven is Broken
By Paul Reji George in General Literary | পড়ার জন্য : 1,341 | পছন্দ: 0
I had a very unique relationship with my mother, she was a mysterious creature, despite our fights and arguments, the one advice she always reminded me was that of the friendship we should cultivate over time.  We have an oven at home that has been left untouched for years. It's rusted with mis  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Jun 8,2020 04:05 PM
Or, that’s what they say
By Saki in Poetry | পড়ার জন্য : 1,339 | পছন্দ: 0
There was once a girl, Who danced to a tune unheard, Some still see her in the rain, And her lovely hands still inspire, Or, that’s what they say.   There was once a girl, Whose beauty rivalled the Moon’s, Some still see her in a helping heart, And her beauty makes the world bright  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Apr 5,2020 10:44 AM
True Happiness
By Preity S. in Poetry | পড়ার জন্য : 1,339 | পছন্দ: 2
                                           True Happiness   Where are we running? In pursuit of happiness, pillar to post thinking this is it. But in this mad rush & insanity, we lo  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Apr 11,2020 04:57 PM
जी ले पल यही
By Neema Kumari in Poetry | পড়ার জন্য : 1,338 | পছন্দ: 0
नन्हे पैरो के पहले कदम पर, बिखरी थी मुस्कान माँ के लब पर. आज तुम्हारे इस अनगिनत कदम को, किसी की बातो में आकर ना रोको. च  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Mar 28,2020 11:43 AM
बेहतर है लौकडाउन
By Preeti Agrawal in Poetry | পড়ার জন্য : 1,338 | পছন্দ: 0
बेहतर है लौकडाउन क्यों घबरा रहे हैं लोग सोच के,फिर बढ़ा है लौकडाउनसमझने की बात है, हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहतर है ल  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে May 18,2020 04:15 PM
समय की कद्र
By saurabh saroj in Poetry | পড়ার জন্য : 1,337 | পছন্দ: 0
चलो समय की कद्र करें हम, जीवन सफल बनाना है तो। निज पथ पर हम बढ़ते जाए, मंजिल को यदि पाना है तो।।           समय सभी क  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে Apr 23,2020 08:38 AM
Lonely Nights
By sanjana bhowmick in Romance | পড়ার জন্য : 1,337 | পছন্দ: 12
Sitting in the veranda, sipping wine, Tarini suddenly feels breathing down her neck. Before she could turn around to react, she was embraced with a tight hug and a peck on her left ear. “Hey, where are you lost?”, asks Tarun. “Nothing looking up into the sky and thanking my stars,"  বেশি পড়ুন...
প্রকাশিত হয়েছে May 16,2020 05:09 PM