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"It was a wonderful experience interacting with you and appreciate the way you have planned and executed the whole publication process within the agreed timelines.”
Subrat SaurabhAuthor of Kuch Woh Palयह पुस्तक कई लेखकों का संकलन हैं। लेखकों द्वारा लिखी यह कविताएं जिसका विषय-अनकहे जज्बात हैं। इस पुस्तक में भारत के विभिन्न क्षेत्र में निवास करने वाले अलग-अलग संस्कृति होने के बाद भी इस पुस्तक में आप भारत की एक रूपता को महसूस कर सकते हैं।
इस पुस्तक में आप लेखकों के द्वारा लिखी कविताओं में उनके एहसास और जज्बात को पढ़ कर आपके एक अलग खुशी की अनुभूति होगी।
मैं इस पुस्तक की संकलनकर्ता के साथ इस पुस्तक की सह लेखिका भी हुँ और इस पुस्तक को संकलन करने का अनुभव बहुत ही प्यारा रहा। इस पुस्तक के माध्यम से मैंने भी बहुत कुछ सिखा हैं और यह मेरी दूसरी पुस्तक होने के कारण यह पुस्तक मेरे दिल के काफी करीब रहेगी।
इस पुस्तक के लिए मैं अपने सह लेखक एवं लिखिकाओ की सदा आभारी रहूँगी। जिन्होंने इस पुस्तक की रचना में अपना प्यार और योगदान दिया। बिना इनके प्यार और सहयोग से यह पुस्तक को संकलन करना इतना आसान नहीं था अतः मैं एक बार फिर तहे दिल से अपने सह लेखक एवं लेखिकाओं के प्रति अपना आभार व्यतक करती हूँ ।
धन्यवाद :- प्रिया कुमारी
प्रिया कुमारी
लेखकी प्रिया कुमारी.....जमशेदपुर ( झारखण्ड )की निवासी हैं। ये इस पुस्तक की संकलनकर्ता और सह लिखिका हैं। इनका जन्म 19 अप्रैल को बिहार के छपरा जिला में हुआ हैं। इनके पिता जी का नाम श्री मानकी साह और माता श्रीमती मालती देवी हैं। ये नेताजी सुभाष महाविद्यालय की बिजनेस मैनेजमेंट की छात्रा हैं और ये अपने महाविद्यालय के NGO (रोट्रेक्ट क्लब) से जुड़ी हुई हैं। इन्होंने कई सारे संकलन में भाग लिया हैं और ये राष्ट्रीयस्तर पर 1st रनरअप भी रह चुकी हैं ।ये दो पुस्तकों को संकलन भी कर रही हैं। इनके लेखनी का सफर कक्षा 9 से शुरु हुआ और ये कविता एवं कहानियाँ के साथ चित्रकारी और स्केचिंग भी करती हैं। ये एक छात्रा होने के साथ साथ बच्चों को ट्यूशन भी देती हैं। ये एक पब्लिकेशन की एडिटर भी हैं। ये अपने अहसासों को शब्दों में पिरोना और जज्बातों को पन्नों पर उतरना बेहद पसंद करती हैं। इनके लिखें हुए लेख ये सिर्फ एक शब्द नहीं बल्कि यह उनकी कल्पना और अनुभव का सागर हैं।
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