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Lafzon ka karvan / लफ़्ज़ों का कारवाँ Journey of words

Author Name: Suryansh Ranjan | Format: Paperback | Genre : Poetry | Other Details

लफ़्ज़ों का कारवाँ किताब एक शायरी और कविताओं का संग्रह है 

इस किताब में टूटे दिल,कूछ ख़ूबसूरत लम्हे,दुनिया की यारी,बीते कल की याद,महबूब की बेवफ़ायी,दुनिया की ख़ुदगर्ज़ी आदी है.

इस किताब में एक टूटे दिल से निकल रहे अनसूनो लफ़्ज़ों को एक किताब के माध्यम से दुनिया के सामने लाने की कोशिश की गयी है.

इस किताब की कविताएँ लेखक ने अपने निजी ज़िंदगी से जोड़ कर लिखा है,जो शायद आपके भी निजी ज़िंदगी में आ कर आपके दिल के अनसूनो बातों को आपके सामने प्रकट कर दे.

 आप इस किताब में कविताओं और शायरी का आनंद ले पाएँगे | यह किताब जीवन की विभिन्न परिस्थितियों को दर्शाती है जिसका जुड़ाव आपके जीवन से भी हो पाएगा | इस किताब को इस क़दर परिस्थापित किया गया है ताकि आपको यह किताब आपके अन्दर झाँकने का  मौक़ा प्रदान करते हुए आपसे संवाद करेगी और आप इसका सम्पूर्ण आनंद ले पाएँगे |

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सूर्यांश रंजन

सूर्यांश रंजन दिल्ली विश्वविद्यालय के एक छात्र है. इन्होंने अपनी लेखनी की शुरुआत अपने नवमी  कक्षा से शुरू की थी. इन्होंने अपनी छोटी सी ज़िंदगी में आस पास हो रहे चीज़ों को किसी और से कहने के बजाय लिखना सही समझा.अपने ज़िंदगी में लोगों से अपने दिल की बात ना कह पाने के कारण इन्होंने लिखना शुरू किया.गुलज़ार और राहत शाहब की शायरियो से इन्हें अपनी लेखनी का एक रास्ता मिला जिन्हें इन्होंने ने अपनाया और आगे बढ़े.अपने और पराए लोग से मिली सिख को इन्होंने अपने शब्दों में पिरोया.महबूब कि बेवफ़ायी की शायरियो को इन्होंने बख़ूबी अपने कविताओ में जगह दिया है.इनकी निजी ज़िंदगी में मिले सिख के कारण ये अपनी पहली किताब लिख रहे है.

लफ़्ज़ों का कारवाँ नाम इन्होंने अपने किसी क़रीबी इंसान के सुझाओ से लिया. इनके छोटे भाई प्रियांश रंजन ने इनकी लेखनी को सराहते हुए इन्हें आगे लिखने को प्रेरित करते रहे.अपने भाई के साथ हर मोड़ पर खड़े हो कर उन्होंने लेखक का बख़ूबी साथ दिया.

 

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