साहित्य रचना के क्षेत्र में संवेदनाओं की सहज अभिव्यक्ति का सबसे सटीक और सफल माघ्यम आज ग़ज़ल ही है। छोटी-छोटी पंक्तियों के माघ्यम से बड़ी-बड़ी बातें कह देने की अद्भुत क्षमता के अतिरिक्त गेयता और प्रवाह के गुण सम्प्रेषण की दृष्टि से काव्य की इस विधा को और अधिक ग्राह्य तथा सहज स्वीकार्य बना देते हैं। यह संग्रह विगत तीन दशकों की अवधि में रचनाकार के मन की गहराइयों से स्वतःस्फूर्त संवेदनाओं के अनेक शब्द-चित्र अलग-अलग ग़ज़लों के रूप में अपने अन्दर समाहित किये हुए है।